कंपाउंडर की संदिग्ध मौत पर हंगामा: डॉक्टर के निजी क्लिनिक में तोड़फोड़, परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन

कंपाउंडर की संदिग्ध मौत पर हंगामा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गणपतगंज बाजार में शुक्रवार की सुबह एक निजी क्लिनिक में कंपाउंडर की संदिग्धावस्था में मौत के बाद भारी हंगामा मच गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने क्लिनिक में जमकर तोड़फोड़ की तथा वहां रखी कुर्सियां और गमले क्षतिग्रस्त कर दिए।


आठ वर्षों से डॉक्टर के यहां काम कर रहा था मृतक कंपाउंडर

मृतक की पहचान धरहरा गांव के वार्ड संख्या-9 निवासी भूपेंद्र राम के 27 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार राम के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह पिछले करीब आठ वर्षों से डॉ. दीप नारायण राम के निजी क्लिनिक में कंपाउंडर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था और पिछले दो दिनों से बीमार चल रहा था।


तबीयत बिगड़ने पर चढ़ाया गया था सलाइन, शुक्रवार सुबह हुई मौत

परिजनों के अनुसार, गुरुवार की दोपहर जब रंजीत की तबीयत अधिक बिगड़ गई, तब क्लिनिक में ही उसे पानी (सलाइन) चढ़ाया गया था, जिसके बाद वह अपने घर चला गया था। शुक्रवार की सुबह अचानक उसकी मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही परिजन भड़क उठे और शव को सीधे गणपतगंज स्थित उसी निजी क्लिनिक के परिसर में लेकर पहुंच गए।


चिकित्सक का पक्ष और दवा के रिएक्शन की बात

दूसरी ओर, चिकित्सक डॉ. दीप नारायण राम ने स्पष्ट किया कि रंजीत लंबे समय से उनके यहाँ काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि कुछ अन्य दवाओं के रिएक्शन के बाद उसका उपचार किया गया था और गुरुवार को उसे सुस्त देखकर पटना जाकर इलाज कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ जिसके बाद अन्य कर्मी द्वारा उसे पानी चढ़ाया गया था। घटना के समय वे खुद पटना में थे।


थानाध्यक्ष के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अमित कुमार राय तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और उग्र भीड़ तथा परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने डॉक्टर से दूरभाष पर बातचीत करने के बाद बिना किसी कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम के शव को अपने घर ले जाने का निर्णय लिया।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट