पुलिस की ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक: मक्के के खेत से 620 किलो गांजा बरामद, तस्करों में हड़कंप

सुपौल के वीरपुर में पुलिस ने मक्के के खेत से 620 किलो गांजा बरामद किया। 20 बोरों में छुपाकर रखे गए इस नशे की खेप की कीमत लाखों में है। तस्करों की तलाश में छापेमारी जारी है।

Supaul - जिले में नशा कारोबारियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत वीरपुर पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक सरथ आरएस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में शुभंकरपुर गांव के एक मक्के के खेत से 620 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। यह वीरपुर इलाके में अब तक की सबसे बड़ी नशा विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है।

मक्के की फसल के बीच बना रखा था 'गोदाम' 

नशा तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। ग्राम शुभंकरपुर (वार्ड संख्या–10) में मक्के के खेत के बीचों-बीच 20 बोरों में गांजे को छुपाकर रखा गया था। फसल की आड़ होने के कारण बाहर से किसी को भी इस बात का संदेह नहीं था। लेकिन 13 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने सटीक छापेमारी कर नशे के इस विशाल गोदाम को बेनकाब कर दिया।

लाखों की खेप और अंतरराज्यीय नेटवर्क 

बरामद 620 किलो गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गांजे को दूसरे राज्यों में खपाने की तैयारी थी। इस बरामदगी के बाद पुलिस को एक बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस की छापेमारी के दौरान तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस की चेतावनी: अब सुरक्षित नहीं नशा कारोबारी 

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशा मुक्ति अभियान को और तेज किया जाएगा और किसी भी सूरत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बड़ी सफलता के बाद स्थानीय जनता ने पुलिस की मुस्तैदी की सराहना की है, वहीं तस्करों के बीच खौफ का माहौल है।

रिपोर्ट - नमो नारायण मिश्रा