बिहार में डिग्री का खेल बेनकाब, जांच टीम के छापे में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के काले खेल का खुला राज,कॉलेज में न छात्र,न शिक्षक, खाली मिला पूरा कैंपस
Bihar Education Scam:बिहार में शिक्षा की धांधली काअसली खेल तो तब खुला जब जांच टीम ने पिछले पांच साल का रिकॉर्ड मांगा और कॉलेज प्रबंधन ने चुप्पी साध ली।...
Bihar Education Scam: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी अहम योजना का जमकर कुछ संस्थान धांधली कर रहे हैं। वैशाली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा के नाम पर चल रहे खेल की हकीकत उजागर कर दी है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के आदेश पर हाजीपुर के इंदू देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज और डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज का जब जांच टीम ने मुआयना किया, तो जो तस्वीर सामने आई, वो किसी ‘इल्म के मंदिर’ से ज्यादा ‘सिस्टम के खेल’ जैसी नजर आई।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इन संस्थानों में पढ़ाई की सूरत-ए-हाल इतनी बदहाल मिली कि यहां से डिग्री लेने वाले छात्रों की काबिलियत पर ही सवालिया निशान लग गया। यानी डिग्री तो मिल रही है, लेकिन ज्ञान नदारद! यह पूरा मामला बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी अहम योजना पर भी दाग लगाने वाला साबित हो रहा है।
इल्ज़ाम ये भी लगा कि छात्रों के नाम पर मिलने वाले लोन में से पहले साल में करीब दो लाख रुपये तक की वसूली की जाती है हालांकि जांच में इसकी सीधी तस्दीक नहीं हो सकी। असली खेल तो तब खुला जब जांच टीम ने पिछले पांच साल का रिकॉर्ड मांगा और कॉलेज प्रबंधन ने चुप्पी साध ली। आंकड़े न देना, जांच में सहयोग न करना ये सब खुद ब खुद दाल में कुछ काला होने का इशारा करते हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि निरीक्षण के दौरान पूरे कॉलेज में न कोई छात्र मिला, न कोई शिक्षक और न ही कोई स्टाफ! इमारत खड़ी है, लेकिन तालीम का नामोनिशान नहीं जैसे कोई वीरान खंडहर हो। लैब में उपकरण गायब, कंप्यूटर लैब में कंप्यूटर तक नहीं तो फिर पढ़ाई किस चीज़ की हो रही है, ये बड़ा सवाल है।
जहां एक तरफ सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं कुछ शिक्षा के सौदागर उसी भविष्य को गिरवी रखने में लगे हैं। जांच टीम ने साफ तौर पर सिफारिश की है कि संबंधित विश्वविद्यालय इन कॉलेजों की संबद्धता पर दोबारा गौर करे। अब देखना ये है कि इस डिग्री के खेल पर कानून कब शिकंजा कसता है और छात्रों के भविष्य को कब इंसाफ मिलता है।
रिपोर्ट-ऋषभ कुमार