Bihar News : लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने वाले का भंडाफोड़, पटना और मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्रवाई में कन्हाई सहनी हुआ गिरफ्तार
Bihar News :मुजफ्फरपुर जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग बड़े और प्रतिष्ठित लोगों से लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के नाम पर रंगदारी की मांग की गई थी. इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है...पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : रातों-रात अमीर बनने की चाहत ने एक युवक को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। उत्तर प्रदेश के जिस होटल में वह काम करता था, उसी होटल मालिक के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर उसने 'लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप' के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। इसी फर्जी नेटवर्क के जरिए वह बिहार के वरिष्ठ नेताओं, उनके परिजनों और व्यवसायियों को धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांग रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मुजफ्फरपुर जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन प्रमुख हस्तियों को धमकी दी गई। इनमें ब्रह्मपुरा के भाजपा नेता रंजीत सहनी से 50 लाख, साहेबगंज के राजेश कुमार सहनी से 1 करोड़ और बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के पुत्र से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। लगातार आ रही धमकियों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि बीते 25 जुलाई 2026 को परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार से भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में पटना के कंकड़बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पटना पुलिस और मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम ने संयुक्त रूप से तकनीकी साक्ष्यों व मानवीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर कन्हाई सहनी नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पटना पुलिस गिरफ्तार आरोपी को अपने साथ पटना ले गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पुलिस जल्द ही आरोपी को रिमांड पर लेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
रंगदारी मांगने वाले इस शातिर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और पीड़ित नेताओं ने राहत की सांस ली है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने सिर्फ खौफ पैदा कर जल्द पैसा कमाने के नीयत से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का सहारा लिया था। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट्स की पड़ताल में जुटी हुई है।
मणिभूषण की रिपोर्ट