पिता-पुत्र की हत्या को लेकर लोगों में भारी आक्रोश : पूर्व एमएलए डॉ. मुकेश रौशन ने की 2 करोड़ मुआवजे और SIT जांच की मांग की

वैशाली जिले में बीते रविवार को सेना के जवान और उसके पिता की जमीन विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन ने इस मामले में 2 करोड़ मुआवजा मामले की एसआईटी से जांच की मांग की.

डबल मर्डर की एसआईटी जांच की मांग- फोटो : रंजन कुमार

Vaishali : जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के रज़ासन गांव में बीते रविवार की सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां जमीन विवाद को लेकर अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर भारतीय सेना के जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारिक राय की निर्मम हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है।


पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

घटना की सूचना मिलने के बाद महुआ के पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारिक राय सामाजिक स्तर पर हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे। ऐसे मिलनसार और देशभक्त परिवार के साथ हुई यह घटना अत्यंत निंदनीय और हृदयविदारक है।


एसपी से बात कर SIT गठन और त्वरित कार्रवाई की मांग

पूर्व विधायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली जिले के आरक्षी अधीक्षक (SP) से फोन पर बात की। उन्होंने एसपी से मांग की है कि इस दोहरे हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने और दोषियों पर स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की जोरदार मांग रखी।


सरकारी नौकरी और 2 करोड़ मुआवजे की मांग

सरकार से पीड़ित परिवार के पुनर्वास और न्याय की गुहार लगाते हुए डॉ. मुकेश रौशन ने मांग की है कि राज्य सरकार अविलंब पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने आश्रितों को संबल देने के लिए ₹2 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि तुरंत जारी करने की भी मांग उठाई है।


थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

इस दौरान पूर्व विधायक के साथ नागेंद्र राय, अभिषेक चौधरी, संतोष चौधरी, राम बच्चन सिंह, मुन्ना राय, वीरेंद्र सिंह, पंकज कुमार, युवराज यादव, कौशल यादव, अमोद सिंह, गुड्डू यादव, राणा सिंह और छोटू यादव सहित सैकड़ों स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गहरा रोष देखा गया। सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर बिदुपुर थाना प्रभारी की कार्यशैली और शिथिलता पर गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हुए।

रंजन की रिपोर्ट