Bihar News: 'डीजे को हमने जब्त किया तो उसने मेरा पैर पकड़ा और उसे मैं छोड़ दिया'...अंचलाधिकारी के विवादित बयान से मचा हड़कंप, सीओ की कानूनी प्रक्रिया पर उठ रहे हैं सवाल
Bihar News: अंचलाधिकारी कनकलाता ने अपने कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है।...
Bihar News: अंचलाधिकारी कनकलाता ने अपने कार्यशैली को लेकर अपने हीं विवाद खड़ा कर दिया है। 23 जनवरी को सरस्वती पूजा की शांति समिति की बैठक में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने एक जब्त डीजे को छोड़ दिया, और इसके पीछे उनका तर्क था कि डीजे के मालिक ने उनका पैर पकड़ लिया था।वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड की अंचलाधिकारी कनकलाता के इस बयान के बाद कानून की पालना को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
सीओ कनकलाता ने बैठक में बयान दिया कि "जब हमने ज्वाइन किया था, डीजे को हमने जब्त किया तो उसने मेरा पैर पकड़ा और उसे मैं छोड़ दिया।"
इस बयान के बाद उनके कानूनी और प्रशासनिक अधिकारों पर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी नियमों के तहत जब्त की गई संपत्ति को छोड़ने के लिए विशिष्ट कानूनी प्रक्रिया अपनानी होती है, जिसमें अनुमति, रिपोर्टिंग और दस्तावेज़ीकरण अनिवार्य होता है। किसी अधिकारी के व्यक्तिगत व्यवहार या दबाव के आधार पर संपत्ति को छोड़ना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
यह घटना भगवानपुर थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में सामने आई, जो 23 जनवरी को होने वाली सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बैठक में जनप्रतिनिधि, डीजे संचालक और पूजा समिति के सदस्य मौजूद थे।
अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या किसी अधिकारी के पैर पकड़ने मात्र से जब्त संपत्ति को छोड़ना उचित माना जा सकता है। इस घटना ने न केवल कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया कि सतर्कता और नियमों का पालन कितनी अहमियत रखता है।
वरीय अधिकारियों की ओर से इस मामले में समीक्षा और संभावित कार्रवाई की संभावना पर सभी की निगाहें हैं। सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करना इस विवाद के बाद और भी महत्वपूर्ण बन गया है।
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार