बिहार में गाड़ी खरीदना हुआ महंगा, नई टैक्स दरों से कीमतों में उछाल, बाइक से ऑटो तक सब का बढ़ा दाम

राज्य सरकार ने हाल ही में मोटर वाहन करारोपण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी थी। परिवहन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, यह बदलाव बिहार गजट में प्रकाशित होने के सात कार्य दिवस बाद प्रभावी होगा।

Bihar Vehicle Tax Hike - फोटो : news4nation

Bihar Vehicle Tax Hike:   बिहार में अब नई गाड़ी खरीदने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। राज्य सरकार ने बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में संशोधन करते हुए दोपहिया, तिपहिया और कुछ व्यावसायिक वाहनों पर टैक्स व्यवस्था में बदलाव किया है। नई अधिसूचना के बाद वाहन के एक्स-शोरूम मूल्य के आधार पर दोपहिया वाहनों पर एकमुश्त कर की दरें बढ़ जाएंगी। राज्य सरकार ने हाल ही में मोटर वाहन करारोपण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी थी। परिवहन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, यह बदलाव बिहार गजट में प्रकाशित होने के सात कार्य दिवस बाद प्रभावी होगा।


दोपहिया वाहनों पर अब इतना लगेगा टैक्स

निजी इस्तेमाल के लिए खरीदे जाने वाले दोपहिया वाहनों पर वाहन के एक्स-शोरूम मूल्य के आधार पर एकमुश्त टैक्स लगेगा। 1 लाख रुपये तक: 9 प्रतिशत, 1 लाख से 8 लाख रुपये तक: 10 प्रतिशत, 8 लाख से 15 लाख रुपये तक: 11 प्रतिशत, 15 लाख रुपये से अधिक: 13 प्रतिशत टैक्स लगेगा। यानी महंगी बाइक और स्कूटर खरीदने वालों को अब वाहन के मूल्य के हिसाब से अधिक टैक्स देना होगा।


व्यावसायिक बाइक पर भी 15 साल का एकमुश्त टैक्स

डिलीवरी, रेंटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले दोपहिया वाहनों के लिए भी इसी तरह की टैक्स व्यवस्था की गई है। इन वाहनों पर भी 15 साल की अवधि के लिए वाहन की कीमत के आधार पर 9 से 13 प्रतिशत तक एकमुश्त कर लगेगा।


ऑटो खरीदने वालों के लिए भी बदली व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत तिपहिया वाहनों पर भी अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार कर निर्धारित किया गया है। 4 सवारी वाले नए ऑटो: 15 साल के लिए ₹11,000 एकमुश्त, 7 सवारी वाले नए ऑटो: 15 साल के लिए ₹16,000 एकमुश्त, पहले साल में रजिस्टर होने वाले ऑटो: 10 साल के लिए ₹7,700 से ₹12,000,10 साल से अधिक पुराने ऑटो: हर 5 साल पर ₹7,000 से ₹10,000 लगेगा। इससे नए ऑटो खरीदने और पुराने ऑटो के पुनः पंजीकरण की लागत पर असर पड़ सकता है।


डीलरों और शोरूम संचालकों पर भी वार्षिक कर

नई व्यवस्था में वाहन डीलरों और शोरूम संचालकों के लिए भी वार्षिक कर का प्रावधान किया गया है। मोटरसाइकिल: ₹600 प्रति वाहन प्रति वर्ष, भारी वाहन चेसिस: ₹1,000 प्रति वाहन प्रति वर्ष, अन्य वाहन: ₹800 प्रति वाहन प्रति वर्ष का कर लगेगा।


कब से लागू होगा नया नियम?

अधिसूचना के मुताबिक, संशोधित कर व्यवस्था बिहार गजट में प्रकाशन की तारीख से सात कार्य दिवस बाद प्रभावी होगी। इसलिए नई दरों के लागू होने की वास्तविक तारीख गजट प्रकाशन की तारीख पर निर्भर करेगी। 


ई-वाहनों के लिए पहले से टैक्स में राहत

बिहार की वाहन कर व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से राहत का प्रावधान भी किया गया है। राज्य के संशोधित प्रावधानों में बैटरी से चलने वाले वाहनों पर कुल कर में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। यह राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदमों से जुड़ा है। नई टैक्स व्यवस्था से एक ओर सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर वाहन खरीदारों, ऑटो चालकों और व्यावसायिक वाहन संचालकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। अब वाहन खरीदने से पहले ग्राहकों को एक्स-शोरूम कीमत के साथ संशोधित मोटर वाहन कर को भी अपने बजट में शामिल करना होगा।
धीरज पराशर की रिपोर्ट