Bihar Petrol Price:घर से निकलने से पहले जान लें बिहार में पेट्रोल डीजल का रेट, मिडिल ईस्ट की जंग का असर जेब पर,बम-मिसाइलों की गूंज के बीच कच्चा तेल हुआ महंगा

आज यानी शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचता दिख रहा है। इसका असर....

घर से निकलने से पहले जान लें बिहार में पेट्रोल डीजल का रेट- फोटो : social Media

Bihar Petrol Price: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और जंग की खबरों का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। जब से  अमेरिका और इजरायल की ओर से इरान पर हमलों की खबरें तेज हुई हैं, तब से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार चढ़ती नजर आ रही हैं। जंग जितनी तेज हो रही है, तेल के दाम भी उतनी ही रफ्तार से ऊपर जा रहे हैं।आज यानी शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचता दिख रहा है। वहीं अमेरिकी कच्चे तेल यानी WTI की कीमत भी तेजी के साथ लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। तेल बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।दुनिया के इस हालात का असर भारत में भी दिखाई देने लगा है। हर दिन की तरह सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह नई कीमतें जारी कीं और कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम में हल्का बदलाव देखने को मिला।

हर दिन की तरह आज 7 मार्च 2026 को सुबह 6 बजे सरकारी तेल कंपनियों ने नई कीमतें जारी कर दीं। देश में पेट्रोल-डीजल के दाम रोज तय होते हैं और यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, रुपये-डॉलर की कीमत, टैक्स और डीलर मार्जिन पर निर्भर करते हैं। अगर बात करें बिहार की राजधानी पटना की, तो यहां आम लोगों को फिलहाल थोड़ी राहत मिली है। ताजा अपडेट के मुताबिक पटना में पेट्रोल 58 पैसे सस्ता होकर 105.54 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं डीजल भी 54 पैसे की गिरावट के साथ 91.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें जिस तरह बढ़ रही हैं, उसका असर आगे चलकर खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत, रुपये-डॉलर की विनिमय दर, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स और डीलर मार्जिन।फिलहाल पटना के लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन दुनिया में चल रही जंग की सियासत का असर कब और कितना आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर से चर्चा का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।

वहीं कहीं लोग अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहे हैं, तो कहीं लोग ड्रम, कैन और गैलन लेकर पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच रहे हैं। लोगों के बीच यह डर है कि अगर जंग और बढ़ी तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं या कहीं सप्लाई पर असर न पड़ जाए। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां बार-बार कह रही हैं कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है।दरअसल दुनिया के बड़े तेल बाजार पर इस जंग का असर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। शनिवार को ब्रेंट क्रूड करीब 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि WTI का रेट भी लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। जंग और बमबारी जितनी तेज हो रही है, उतनी ही तेजी से तेल की कीमतों में हलचल दिखाई दे रही है।

इसी बीच अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को 30 दिन की मोहलत दी है। इससे भारतको राहत मिली है, क्योंकि इस दौरान भारत अपनी तेल आपूर्ति को संतुलित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से फिलहाल पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आएगा और दाम स्थिर रहने या थोड़ा कम होने की संभावना भी है।