Diwali markets: दिल्ली के बाजारों में दिवाली की रौनक, अकेले राजधानी में 1 लाख करोड़ से ज्यादा की बिक्री का अनुमान

Diwali markets: दिवाली से पहले दिल्ली के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। CAIT ने देशभर में 7 लाख करोड़ और दिल्ली में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान जताया है।

Diwali markets:  एक महीने से अधिक समय तक धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण सुस्त पड़े दिल्ली के बाजारों में अब त्योहारी खरीदारी ने रफ्तार पकड़ ली है। दिवाली नजदीक आते ही राजधानी के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। इससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इस साल दिवाली के दौरान देशभर में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक और अकेले दिल्ली में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार का अनुमान जताया है।


पिछले एक महीने से अधिक समय तक राजनीतिक आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों के कारण दिल्ली में आम जनजीवन प्रभावित रहा। इसका असर बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ा। दिल्ली के बाहर से आने वाले ग्राहक और व्यापारी भी पहले की तुलना में कम पहुंचे। हालांकि, अब दिवाली की खरीदारी शुरू होने से बाजारों में फिर से रौनक दिखाई देने लगी है।


राजनीतिक गतिविधियों से प्रभावित हुआ था कारोबार


CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि पिछले एक महीने से अधिक समय तक दिल्ली के व्यापारियों को कई आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। राजनीतिक गतिविधियों और बार-बार प्रभावित होते जनजीवन के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई थी।


उन्होंने बताया कि इसका असर केवल खुदरा दुकानों पर ही नहीं, बल्कि थोक कारोबार और व्यापार से जुड़ी दूसरी गतिविधियों पर भी पड़ा। ऐसे में दिवाली से पहले ग्राहकों की बाजारों में वापसी व्यापारियों के लिए राहत की बात है। कारोबारियों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री से पिछले दिनों हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी।


नवंबर में कई त्योहारों से बढ़ेगी खरीदारी


कारोबार के लिहाज से नवंबर का महीना काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान दिवाली, छठ पूजा, तुलसी विवाह और गुरु नानक जयंती जैसे त्योहार हैं। इसके अलावा शादी-ब्याह का सीजन भी शुरू होने वाला है। इससे बाजारों में लगातार खरीदारी बने रहने की उम्मीद है।


इस महीने प्रमुख त्योहारों की तारीखें इस प्रकार हैं:


6 नवंबर: धनतेरस


7 नवंबर: छोटी दिवाली


8 नवंबर: दीपावली


9 नवंबर: गोवर्धन पूजा


10 नवंबर: भाई दूज


21 नवंबर: तुलसी विवाह


24 नवंबर: गुरु नानक जयंती


इसके अलावा छठ पूजा भी इसी महीने मनाई जाएगी। देवउठनी एकादशी के बाद शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में तेजी आने की उम्मीद है। इसके बाद क्रिसमस और नए साल के आयोजनों से भी बाजारों में खरीदारी जारी रह सकती है।


देश में 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार का अनुमान


CAIT ने दिवाली के त्योहारी सीजन में देशभर में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान जताया है। संगठन के मुताबिक, अकेले दिल्ली में दिवाली की खरीदारी से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो सकता है। प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार, बाजारों में ग्राहकों की वापसी और त्योहारों पर खरीदारी की परंपरा इस अनुमान की प्रमुख वजह हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिवाली के बाद शुरू होने वाला शादी-ब्याह का सीजन भी कारोबार को गति देगा। इससे दिल्ली के थोक व्यापारियों और सामान की आपूर्ति से जुड़े कारोबार को लाभ मिल सकता है।


इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और सजावटी सामान की बढ़ी मांग


इस बार बाजारों में खरीदारी केवल मिठाई, पूजा सामग्री और पारंपरिक त्योहारों के सामान तक सीमित नहीं है। ग्राहक घरेलू जरूरतों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, लाइफस्टाइल उत्पाद, सजावटी सामान और उपहार भी खरीद रहे हैं। खंडेलवाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारतीय उत्पादों को खरीदने की अपील का असर भी बाजारों में दिखाई दे रहा है। उनका दावा है कि ग्राहक स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे छोटे दुकानदारों, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने का मौका मिल रहा है।


त्योहारी कारोबार से लाखों लोगों को मिलता है रोजगार


त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली खरीदारी का फायदा केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता। इससे निर्माता, थोक और खुदरा व्यापारी, ट्रांसपोर्ट कारोबारी, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, पैकेजिंग उद्योग, कारीगर और रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोग भी जुड़े होते हैं।


त्योहारी सीजन में सामान की मांग बढ़ने से उत्पादन, ढुलाई और वितरण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आती है। इसके साथ ही दैनिक मजदूरी करने वाले कई लोगों को भी काम मिलता है। इस तरह बाजारों में बढ़ी बिक्री का असर रोजगार और दूसरी आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है।


पिछले नुकसान की भरपाई की उम्मीद


प्रवीन खंडेलवाल ने उम्मीद जताई कि दिल्ली समेत देशभर के व्यापारी इस बार दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में अच्छा कारोबार करेंगे। बाजारों में ग्राहकों की बढ़ती भीड़ से व्यापारियों में उत्साह है। अब कारोबारियों की नजर आने वाले दिनों की बिक्री पर टिकी है।दिवाली से शुरू हुई खरीदारी का सिलसिला छठ पूजा, तुलसी विवाह, गुरु नानक जयंती और शादी-ब्याह के आयोजनों तक जारी रहने की उम्मीद है। इसके बाद क्रिसमस और नए साल के बाजार से भी कारोबार को गति मिल सकती है।