LPG Price Today: 5 जून को घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, कमर्शियल LPG अब भी महंगा; जानिए शहरवार रेट

LPG Price Today: 5 जून 2026 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा बना हुआ है। जानिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में आज की एलपीजी कीमतें।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम- फोटो : freepik

LPG Rate Today: देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों पर लोगों की नजर बनी हुई है। 5 जून 2026 को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम प्रमुख शहरों में 910.50 रुपये से 1002.50 रुपये के बीच बने हुए हैं। राहत की बात यह है कि मार्च 2026 के बाद से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, व्यापारिक उपयोग में आने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं। मई महीने में 993 रुपये तक की बड़ी बढ़ोतरी के बाद जून में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है। इसका असर होटल, रेस्तरां, मिठाई दुकानों और अन्य खाद्य व्यवसायों पर साफ दिखाई दे रहा है।

आज जारी कीमतों के अनुसार दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये का है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 3071.50 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 912.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3024 रुपये का है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 939 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3202.50 रुपये में उपलब्ध है। चेन्नई में घरेलू सिलेंडर 928.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3237 रुपये का है।

देश के अलग-अलग शहरों में कीमत

बेंगलुरु में घरेलू गैस सिलेंडर 915.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3152 रुपये में मिल रहा है। अमृतसर में घरेलू सिलेंडर 954 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3178 रुपये का है। चंडीगढ़ में घरेलू सिलेंडर 922.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3092.50 रुपये में उपलब्ध है। भोपाल में घरेलू सिलेंडर 918.50 रुपये तथा कमर्शियल सिलेंडर 3077 रुपये का है। वहीं भुवनेश्वर में घरेलू सिलेंडर 939 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3238.50 रुपये का है। 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर की कीमत में भी पहले ही 11 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) श्रेणी के तहत मिलने वाला यह सिलेंडर अब दिल्ली में 821.50 रुपये में उपलब्ध है।

कई कारणों से तय होती है एलपीजी सिलेंडर की कीमत 

एलपीजी सिलेंडर की कीमत कई कारणों से तय होती है। भारत अपनी कुल जरूरत का करीब 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में होने वाला बदलाव सीधे घरेलू गैस की कीमतों को प्रभावित करता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी गैस की लागत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है और इसका असर कीमतों पर पड़ता है। साथ ही हर राज्य में लगने वाला वैट (VAT) और परिवहन खर्च अलग-अलग होता है। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।