RBI का बड़ा फैसला, क्रेडिट कार्ड बिल पर कम लगेगा ब्याज, हिडन चार्ज पर होगी सख्ती
credit card billing:भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए ग्राहकों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम उठाया है। नए नियमों का उद्देश्य क्रेडिट कार्ड बिलिंग सिस्टम को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और ग्राहक-अनुकूल..
credit card billing:भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए ग्राहकों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम उठाया है। नए नियमों का उद्देश्य क्रेडिट कार्ड बिलिंग सिस्टम को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और ग्राहक-अनुकूल बनाना है। अब यदि कोई ग्राहक किसी महीने अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं चुका पाता और केवल आंशिक भुगतान करता है, तो बचे हुए बकाया पर ब्याज की गणना पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
नए नियमों के तहत क्रेडिट कार्ड के बकाया पर ब्याज लगाते समय सुविधा शुल्क, लेट पेमेंट पेनल्टी और टैक्स जैसी अतिरिक्त रकम को मूल बकाया में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी अब ब्याज केवल वास्तविक बकाया राशि पर ही लगेगा, न कि उस पर जुड़े अतिरिक्त शुल्कों पर। इससे उन लाखों ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश पूरा बिल एक साथ नहीं चुका पाते और शेष राशि अगले बिलिंग साइकल तक आगे बढ़ाते हैं।
इस बदलाव से ग्राहकों का ब्याज का बोझ कम होगा और क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा लगाए जाने वाले हिडन चार्ज तथा मनमाने शुल्कों पर भी लगाम लगेगी। साथ ही, बिलिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनेगी, जिससे ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि उन पर कितना और किस आधार पर ब्याज लगाया जा रहा है।
इसी बीच, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त तक आयोजित होगी, जबकि इसके फैसलों की घोषणा 5 अगस्त को की जाएगी। वित्तीय बाजार की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम है, लेकिन यदि ब्याज दरों में कोई परिवर्तन होता है तो उसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
रेपो रेट में बदलाव होने की स्थिति में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI, नई और मौजूदा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज तथा बैंकों की कर्ज देने की लागत प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में RBI के फैसले पर बैंक, निवेशक और आम ग्राहक सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि इससे करोड़ों लोगों की वित्तीय योजनाओं पर असर पड़ सकता है।