stock market crash: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की आंधी में उड़ गया इंडियन स्टॉक मार्केट, 1 दिन में 9 लाख करोड़ स्वाहा, जानें सेंसेक्स और निफ्टी को कितना का हुआ नुकसान
शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट पर सेंसेक्स 1,400 अंक गिरा और निफ्टी 22,150 से नीचे फिसल गया। वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार में खलबली मचा दी। जानें पूरी जानकारी।

stock market crash: शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट पर भारी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जब दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 2% की गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,400 अंक से ज्यादा गिरकर 73,198 पर आ गया, जबकि निफ्टी 22,124 तक गिर गया। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रही।
वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25% टैरिफ लागू करने की घोषणा से बाजार में घबराहट बढ़ गई है। इसके साथ ही, चीनी वस्तुओं पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की संभावना ने बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
सूचना प्रौद्योगिकी और ऑटो सेक्टर पर भारी दबाव
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी और ऑटो सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। निफ्टी आईटी में 6.5% की गिरावट आई, जिसमें टेक महिंद्रा, विप्रो, और एमफैसिस जैसे बड़े नाम सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। वहीं, निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी लगभग 4% गिर गया। बैंकिंग, धातु, मीडिया, एफएमसीजी, फार्मा, और तेल एवं गैस सेक्टर्स में भी 0.7% से 3.5% की गिरावट देखी गई।
9 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी का नुकसान
इस भारी गिरावट से बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बाजार पूंजी लगभग 9 लाख करोड़ रुपये घटकर 384.22 लाख करोड़ रुपये रह गई। यह लगातार पांचवां महीना था जब निफ्टी ने गिरावट दर्ज की, जो 29 वर्षों में सबसे लंबी गिरावट है।
विशेषज्ञों की राय
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में आई गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों और टैरिफ संबंधित चिंताओं के कारण है। उन्होंने कहा, "यूरोपीय संघ पर टैरिफ लगाए जाने की संभावना ने भी बाजार की अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। अब सभी की नजरें घरेलू Q3 GDP डेटा पर हैं, जो आगे की बाजार दिशा को प्रभावित कर सकता है।"
तकनीकी विश्लेषण
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे ने कहा कि निफ्टी ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण गिरावट का सामना किया। उन्होंने बताया कि निफ्टी का आरएसआई मंदी में है, लेकिन यह ओवरसोल्ड क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। निफ्टी को निकट भविष्य में 21,800-22,000 के बीच समर्थन मिलने की संभावना है। यदि यह स्तर बनाए रखा जाता है, तो बाजार में सुधार हो सकता है, लेकिन इसे तोड़ने पर और तेज गिरावट हो सकती है।
गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया
दलाल स्ट्रीट पर शुक्रवार की गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हालांकि, अब सबकी निगाहें घरेलू GDP डेटा और बाजार की अगले हफ्ते की चाल पर टिकी हैं।