Pakistan Energy Crisis: होर्मुज संकट से पाकिस्तान बेहाल! रिकॉर्ड कीमत पर खरीदनी पड़ रही गैस
Pakistan Energy Crisis: अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के बाद पाकिस्तान को कतर से गैस सप्लाई में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। देश को अब रिकॉर्ड ऊंची कीमत पर LNG खरीदनी पड़ रही है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
Pakistan Energy Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा शुरू हुए तनाव का असर अब पाकिस्तान पर भी दिखाई देने लगा है। संघर्ष शुरू हुए अभी एक सप्ताह भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन पाकिस्तान को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। कतर से गैस की सप्लाई प्रभावित होने के बाद पाकिस्तान को मजबूरी में रिकॉर्ड ऊंची कीमत पर LNG खरीदनी पड़ रही है। तनाव बढ़ने से पहले पाकिस्तान को कतर से तय समझौते के तहत 10 से 11 डॉलर प्रति mmBtu की कीमत पर LNG मिल रही थी। इस सस्ती गैस की वजह से पाकिस्तान के पास पर्याप्त भंडार था और उसे अंतरराष्ट्रीय खुले बाजार से महंगी गैस खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी।
अमेरिका और ईरान के बीच जैसे ही सैन्य तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते में रुकावट की स्थिति बनी, वैसे ही कतर की गैस सप्लाई पर असर पड़ने लगा। रिपोर्ट के अनुसार कतर की गैस सप्लायर कंपनियों ने 'फोर्स मेज्योर' लागू कर दिया। इसका मतलब है कि असाधारण परिस्थितियों के कारण वे पहले की तरह गैस सप्लाई करने में सक्षम नहीं हैं। सप्लायर कंपनियों ने बताया कि समुद्री मार्ग प्रभावित होने की वजह से वे पहले की तरह सस्ते और नियमित जहाजों के जरिए गैस नहीं भेज सकतीं। इसके बाद पाकिस्तान के सामने गैस की कमी की स्थिति बनने लगी।
पाकिस्तान के बिजली उत्पादन पर असर
गैस सप्लाई प्रभावित होने का असर बिजली उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में बिजली संकट गहरा गया है और लोगों को 12 से 16 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर उद्योगों और कारोबार पर भी पड़ने लगा है। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए पाकिस्तान को अब अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट से LNG खरीदनी पड़ रही है। इसके लिए उसे 20.70 डॉलर प्रति mmBtu तक की कीमत चुकानी पड़ रही है, जो पहले मिलने वाली गैस की कीमत से लगभग दोगुनी है। पाकिस्तानी अखबार द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी कंपनी पाकिस्तान LNG लिमिटेड ने पेट्रोचाइना इंटरनेशनल को 21 और 22 जुलाई को 1,40,000 क्यूबिक मीटर LNG कार्गो की डिलीवरी के लिए टेंडर दिया है। इस सौदे में कीमत 20.6999 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (mmBtu) तय की गई है।
पाकिस्तान के लिए कतर क्यों है जरूरी?
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सौदा हासिल करने के लिए पाकिस्तान ने BP सिंगापुर की 21.3737 डॉलर प्रति mmBtu वाली बोली की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव चुना। यह वर्ष 2022 के बाद पहली बार है जब पाकिस्तान को LNG कार्गो के लिए इतनी ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी महंगी LNG खरीदने से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे देश के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन सकती है। कतर पाकिस्तान के लिए LNG का सबसे महत्वपूर्ण सप्लायर माना जाता है। कतर से होने वाला अधिकांश गैस निर्यात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही होता है। ऐसे में इस समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।