Bihar Job: बिहार में 1200 बेरोजगारों को मिलेगी नौकरी , बिहार के सभी जिलों में लगेगा आइटी, फूड प्रोसेसिंग,फार्मा फैक्ट्री
Bihar Job:20 नई औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से करीब 1187 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।....
Bihar Job: बिहार सरकार की प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमिटी ने हाल ही में 20 नई फैक्ट्रियों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। यह फैसला राज्य में शुरू हो चुकी औद्योगिक क्रांति को नई गति देने वाला माना जा रहा है। इन 20 नई औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से करीब 1187 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
बिहार में नयी सरकार के गठन के साथ ही बिहार को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी मास्टर प्लान तैयार किया गया है। यह योजना न केवल निवेशकों को आकर्षित करने वाली है, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने का माध्यम भी बनेगी।
सरकार का दावा है कि प्लग एंड प्ले नीति के प्रभाव से अगले पांच वर्षों में बिहार एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर जाएगा। इस रोडमैप के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में आईटी, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और जनरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े नए कारखानों की स्थापना की जा रही है। इसके लिए लगभग 9.637 एकड़ भूमि और करीब 125.39 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
इस मास्टर प्लान की सबसे अहम कड़ी है बियाडा (बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट एथॉरिटी) के तहत लागू किया जा रहा प्लग एंड प्ले मॉडल। इस मॉडल के जरिए अब राज्य के किसी भी जिले में बड़े निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। यानी बिजली, पानी, सड़क, जमीन और जरूरी कनेक्टिविटी पहले से तैयार होगी। इससे निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने और क्लीयरेंस के इंतजार में समय गंवाने की मजबूरी नहीं रहेगी। बिना देरी के वे सीधे अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे।
विधानसभा चुनाव के दौरान निवेशकों को दिए गए वादों को निभाते हुए नीतीश सरकार ने कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और जीएसटी रीइंबर्समेंट को दोगुना करने की घोषणा की है। साथ ही सभी जिलों में सब्सिडी दर पर जमीन उपलब्ध कराने और बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए मुफ्त भूमि अधिग्रहण की सुविधा भी दी जा रही है। राजनीतिक संदेश साफ है नीतीश सरकार विकास, निवेश और रोजगार को केंद्र में रखकर बिहार को नई औद्योगिक पहचान देने के मिशन में पूरी तरह जुट चुकी है।