सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाला जीजा-साले गिरफ्तार, पटना पुलिस को बड़ी सफलता
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सीधे-साधे युवाओं को सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। लिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की तलाश में छापेमारी कर रही है।
Bihar News : राजधानी पटना में सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सचिवालय थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने फर्जी अधिकारी बनकर युवाओं को नौकरी का झांसा देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सचिवालय और पुलिस की वर्दी, फर्जी आई-कार्ड, नौकरी से संबंधित जाली बैनर और फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को समाज कल्याण विभाग के परिसर में एक व्यक्ति बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की नियुक्ति से संबंधित फर्जी बैनर और वीडियो कॉल के जरिए प्रदर्शन करते हुए पकड़ा गया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी राजनाथ सिंह ने उसे रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अजय कुमार शुक्ला, पिता स्वर्गीय रघुवीर शुक्ला, निवासी आजमपुर गोला, वार्ड नंबर-09, थाना मनिहारी, कटिहार बताया। पुलिस के मुताबिक, अजय ने खुद को स्वास्थ्य विभाग, न्यू सचिवालय पटना का प्रशाखा पदाधिकारी बताते हुए फर्जी आई-कार्ड भी दिखाया। जांच में स्वास्थ्य विभाग में इस नाम के किसी अधिकारी के कार्यरत होने की पुष्टि नहीं हुई।
इसके बाद सचिवालय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य राजा कुमार (करीब 22 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया।
सचिवालय और पुलिस में नौकरी का देते थे झांसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सीधे-साधे युवाओं को सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। फर्जी अधिकारी और सरकारी कर्मचारी होने का विश्वास दिलाने के लिए वर्दी, आई-कार्ड और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की तलाश में छापेमारी कर रही है।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, सचिवालय और पुलिस की 2 जोड़ी वर्दी, 2 फर्जी आई-कार्ड, नौकरी से संबंधित जाली बैनर और 2 फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क और ठगी के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर कितने लोगों को निशाना बनाया गया, इसकी जांच की जा रही है।
अनिल की रिपोर्ट