Bihar News: गंगा में एक घंटे तक सांसत में 50 जानें, इंजन हुआ फेल, SDRF ने बचाया,गंडक तटबंध टूटने पर 7 इंजीनियर सस्पेंड
Bihar News: दो अलग-अलग नदी हादसों ने प्रशासन और सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।...
Bihar News: बिहार में रविवार को दो अलग-अलग नदी हादसों ने प्रशासन और सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। भागलपुर में गंगा नदी के बीच छोटा स्टीमर अचानक खराब हो गया और तेज धारा में करीब एक किलोमीटर तक बहता चला गया। स्टीमर पर करीब 50 यात्री सवार थे। इंजन बंद होने के बाद यात्रियों में अफरातफरी मच गई और करीब एक घंटे तक उनकी जान सांसत में रही। हालांकि, एसडीआरएफ की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे नवगछिया के जाह्नवी चौक घाट से छोटा स्टीमर भागलपुर के बियाडा फेरी घाट की ओर रवाना हुआ था। घाट से करीब 300 मीटर आगे बढ़ते ही अचानक उसका इंजन बंद हो गया। गंगा की तेज धार के कारण स्टीमर धीरे-धीरे बहने लगा और करीब एक किलोमीटर दूर सबौर के इंग्लिश गांव के पास पहुंच गया।
इंजन बंद होते ही मची अफरातफरी
स्टीमर के चालक दल ने बिना देर किए इसकी सूचना बियाडा फेरी घाट स्थित जिला नियंत्रण कक्ष को दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम हरकत में आ गई। रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान एसडीआरएफ इंस्पेक्टर कुमार नीलू ने संभाली।यात्रियों की स्थिति को देखते हुए बियाडा घाट पर मौजूद बड़े जहाज एमवी स्वामी परमहंस को तत्काल रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया। बड़े जहाज ने खराब स्टीमर को अपने साथ जोड़ा और उसे धीरे-धीरे खींचकर सुरक्षित बियाडा फेरी घाट तक पहुंचाया। रात करीब आठ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
गंडक तटबंध टूटने पर सरकार का बड़ा एक्शन
उधर, गंडक नदी में रिकॉर्ड पानी आने के दौरान तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने में कथित लापरवाही पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जल संसाधन विभाग ने सारण और गोपालगंज में तैनात सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में दो कार्यपालक अभियंता, तीन सहायक अभियंता और दो कनीय अभियंता शामिल हैं। इन अधिकारियों पर बाढ़ के दौरान आकस्मिक कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने तथा मैटेरियल और संसाधनों के प्रबंधन में शिथिलता बरतने का आरोप है।
बताया गया है कि 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच गंडक का तटबंध 13 स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था। इससे बड़े इलाके में बाढ़ का पानी फैल गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के बाद सरकार ने कार्रवाई का फैसला लिया है। साथ ही मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। एक तरफ गंगा में फंसे यात्रियों को समय रहते बचाया गया, तो दूसरी तरफ गंडक में तटबंध टूटने के मामले में सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही पर कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि बाढ़ प्रबंधन में चूक अब भारी पड़ सकती है।