Bihar Crime: भाजपा विधायक की हत्या की सुपारी का खुलासा! जेल से रची गई साजिश, ग्रेनेड-टाइम बम की बात से हड़कंप, जेल अधीक्षक पर केस दर्ज

Bihar Crime:भागलपुर जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, जेल में बंद हरेश मिश्रा, कुबेर मिश्रा और कुख्यात लंबू शर्मा को नामजद किया गया है। एफआईआर के बाद जेल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मचा हुआ है।...

भाजपा विधायक की हत्या की सुपारी का खुलासा! - फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार की सियासत में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब भोजपुर के शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश विश्वेश्वर ओझा ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया। विधायक का दावा है कि भागलपुर सेंट्रल जेल के भीतर उनकी हत्या की पूरी प्लानिंग तैयार की गई और इसके लिए ग्रेनेड तथा टाइम बम तक जुटाए जाने की बात सामने आई है।

मामले में भोजपुर के करनामेपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें भागलपुर जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, जेल में बंद हरेश मिश्रा, कुबेर मिश्रा और कुख्यात लंबू शर्मा को नामजद किया गया है। एफआईआर के बाद जेल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मचा हुआ है।

विधायक के मुताबिक उन्हें डाक के जरिए एक कथित पत्र मिला, जिसमें दावा किया गया कि भागलपुर जेल में उनकी हत्या का ‘फुलप्रूफ प्लान’ तैयार है। पत्र में ग्रेनेड और टाइम बम की व्यवस्था किए जाने तथा लंबू शर्मा के शूटर के जरिए वारदात को अंजाम देने की साजिश का जिक्र होने का दावा किया गया है।

शिकायत मिलने के बाद भोजपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी राज के मुताबिक मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पत्र की हकीकत क्या है और इसमें लगाए गए आरोपों के पीछे कौन-सी साजिश या मंशा है।

मामले में नामजद हरेश मिश्रा भोजपुर के सोनवर्षा गांव का रहने वाला है और विधायक के पिता व भाजपा के वरिष्ठ नेता विश्वेश्वर ओझा हत्याकांड में दोषी ठहराया जा चुका है। वह फिलहाल भागलपुर जेल में बंद है। हालांकि उसके परिजनों ने विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।

विश्वेश्वर ओझा की हत्या के पुराने मामले ने इस नए विवाद को और गंभीर बना दिया है। फरवरी 2026 में शाहपुर थाना क्षेत्र में घात लगाकर उनकी हत्या की गई थी। इस मामले में अदालत ने हरेश मिश्रा और उसके भाई ब्रजेश मिश्रा समेत सात लोगों को दोषी करार दिया था और दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अब विधायक की हत्या की कथित साजिश ने बिहार की सियासत और जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।