कंप्यूटर कर्मियों ने भरी हुंकार, राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

बिहार के 1 लाख कंप्यूटर कर्मी एकजुट हुए राज्यकर्मी का दर्जा देने और नियमितीकरण की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान। सारण सम्मेलन में BITMA, BITSA, BEASA व DEO यूनियन ने बनाई संयुक्त रणनीति। न मानने पर 'कंप्यूटर बंद-सरकार बंद' की चेतावनी

Bihar computer employees demand state employee status
बिहार के 1 लाख कंप्यूटर कर्मी एकजुट हुए राज्यकर्मी का दर्जा देने कि मांग- फोटो : Reporter

सारण जिले के मेहिया स्थित पूजा पैलेस में रविवार को कंप्यूटर संवर्ग के कर्मियों का एक दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बिहार आईटी मैनेजर एसोसिएशन (BITMA), बिहार आईटी सर्विस एसोसिएशन (BITSA), बिहार कार्यपालक सहायक सेवा संघ (BEASA) एवं डीईओ यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में जिले के विभिन्न प्रखंडों और सरकारी विभागों से बड़ी संख्या में कार्यपालक सहायक, आईटी असिस्टेंट एवं डाटा इंट्री ऑपरेटर शामिल हुए। सम्मेलन में बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार का जिला इकाई की ओर से भव्य अभिनंदन किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल- माला, अंग वस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई।


राज्य के कंप्यूटर कर्मियों को एक मंच पर लाने की पहल

सम्मेलन में कंप्यूटर संवर्ग से जुड़े विभिन्न संगठनों को एक संयुक्त मोर्चे के तहत लाने के प्रस्ताव का उपस्थित कर्मियों ने समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कंप्यूटर से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग पदनाम और सेवा शर्तों के आधार पर कर्मियों को लंबे समय से संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था में रखा गया है।


संगठन के नेताओं का कहना था कि कार्यपालक सहायक, आईटी मैनेजर, आईटी असिस्टेंट, डाटा इंट्री ऑपरेटर, सिंगल विंडो ऑपरेटर एवं आईटी ब्वॉय सहित कंप्यूटर आधारित कार्य करने वाले कर्मी लंबे समय से सरकारी व्यवस्था के डिजिटल एवं प्रशासनिक कार्यों को संचालित कर रहे हैं। ऐसे में सभी संवर्गों को एक मंच पर लाकर उनकी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का निर्णय लिया गया है। वक्ताओं ने कहा कि कंप्यूटर आधारित अधिकांश कार्य लगातार सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं और भविष्य में भी इनकी आवश्यकता बनी रहेगी। ऐसे में इन कार्यों से जुड़े कर्मियों की सेवा व्यवस्था पर सरकार को स्थायी नीति बनानी चाहिए।


राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग

सम्मेलन में कंप्यूटर कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मी वर्षों से समान प्रकृति के कार्य कर रहे हैं, लेकिन अलग-अलग संवर्ग और सेवा शर्तों के कारण उनके बीच असमानता बनी हुई है। संगठन की ओर से कहा गया कि सरकार द्वारा आईटी विभाग के तहत आईटी कर्मियों के लिए नियमावली तैयार की गई है। उसी व्यवस्था के तहत विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कंप्यूटर कर्मियों को उनके वर्तमान पदनाम के अनुरूप नियमित कर राज्यकर्मी का दर्जा देने की दिशा में पहल की जानी चाहिए। वक्ताओं ने यह भी कहा कि संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संगठन का दावा है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद कई कर्मियों को नियमित सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।


चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का शंखनाद

सम्मेलन में सरकार से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो राज्यभर के कंप्यूटर कर्मियों को एकजुट कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग एक लाख कंप्यूटर कर्मियों को एक मंच पर लाने की दिशा में संयुक्त मोर्चा काम करेगा। मांगों के समर्थन में आवश्यकता पड़ने पर पटना में व्यापक आंदोलन की तैयारी की जाएगी।सम्मेलन में यह भी घोषणा की गई कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रखंड स्तर तक संगठन का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिले के सभी संबंधित कर्मियों को संगठनात्मक रूप से जोड़ा जा सके।


‘कंप्यूटर बंद-सरकार बंद’ आंदोलन की चेतावनी

सम्मेलन में नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारियों ने संविदा व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। संगठन की ओर से प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयों में ‘कंप्यूटर बंद-सरकार बंद’ कार्यक्रम चलाने की चेतावनी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में ऑनलाइन सेवाओं, डाटा प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड, प्रमाणपत्रों, योजनाओं की निगरानी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में कंप्यूटर कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।


जिला इकाई का हुआ पुनर्गठन

प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद निलेश कुमार के स्थान पर बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की सारण जिला इकाई का पुनर्गठन भी सम्मेलन में किया गया। नागमणि प्रसाद को जिला अध्यक्ष, जन्मेजय प्रताप सिंह को जिला संरक्षक, निर्भय कुमार निर्मल को जिला संयोजक, ब्रजेश कुमार सिंह को महासचिव और पप्पू पासवान को जिला महामंत्री बनाया गया। राजन कुमार शर्मा, मुन्ना कुमार शर्मा, सुशील कुमार शर्मा, अश्विनी कुमार भारती एवं अमित कुमार सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। रितेश कुमार को सचिव तथा रविश श्रीवास्तव, हरेश कुमार एवं तारकनाथ शर्मा को संयुक्त सचिव बनाया गया। श्रीराम कुमार कोषाध्यक्ष, अजय राज को मीडिया प्रभारी और सोनू कुमार को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। वहीं प्रेम कुमार, संदीप कुमार, सुभाष शर्मा एवं विवेक कुमार को जिला कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।


लंबित मानदेय और ईपीएफ सहित अन्य समस्याओं के समाधान का संकल्प

सम्मेलन में कार्यपालक सहायकों से जुड़ी जिला स्तरीय समस्याओं के समाधान के लिए अलग टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। इसमें लंबित मानदेय, अवकाश की स्वीकृति, ईपीएफ के लंबित भुगतान, सेवा अभिलेख एवं अन्य सेवा संबंधी मामलों का त्वरित समाधान कराने की बात कही गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को केवल आंदोलन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि विभागीय स्तर पर भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।


‘डिजिटलाइजेशन की रीढ़ हैं कंप्यूटर कर्मी’

अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार ने कहा कि कंप्यूटर कर्मी राज्य सरकार के डिजिटलाइजेशन और प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मी वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगा। सरकार यदि मांगों के संदर्भ में सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर के कंप्यूटर कर्मियों को एकजुट कर पटना में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि लंबे समय से कार्यरत कंप्यूटर कर्मियों के लिए सम्मानजनक और स्थायी सेवा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की दिशा में सरकार का ध्यान आकृष्ट करना है।


सैकड़ों कर्मियों ने लिया हिस्सा

सम्मेलन में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) के जिला अध्यक्ष गोविंद प्रसाद श्रीवास्तव सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं सरकारी विभागों से आए सैकड़ों कार्यपालक सहायक, आईटी असिस्टेंट, डाटा इंट्री ऑपरेटर तथा विभिन्न संगठनों के जिला पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कंप्यूटर संवर्ग के कर्मियों को एकजुट होकर अपने अधिकारों और सेवा संबंधी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आह्वान किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन के समापन की घोषणा की गई।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट