घूस लेते रेंगे हाथ दारोगा धराया, 50 हजार की रिश्वत का खेल हुआ बेनकाब, विजिलेंस की टीम ने दबोचा

पटना की विजिलेंस टीम ने दारोगा को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। ...

घूस लेते रेंगे हाथ दारोगा धराया- फोटो : reporter

Bihar Police: औरंगाबाद जिले के रिसियप थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर उमेश कुमार का कथित रिश्वतखोरी का खेल उस वक्त बेनकाब हो गया, जब पटना की विजिलेंस टीम ने उन्हें 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस की इस दबिश को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

मामले की शुरुआत तेंदुआ गणपत गांव निवासी डॉ. लक्ष्मण राम की शिकायत से हुई। उनका आरोप था कि गांव की नाली-गली और मारपीट के विवाद से जुड़े केस की जांच कर रहे एसआई उमेश कुमार केस में राहत दिलाने के नाम पर लगातार उगाही कर रहे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 14 जुलाई को हुई मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से थाना में केस दर्ज हुआ था, जिसकी तफ्तीश एसआई को सौंपी गई थी।

आरोप है कि जांच के दौरान एसआई ने पहले डेढ़ लाख रुपये की डिमांड की और बाद में एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ। तय योजना के मुताबिक पहले 50 हजार और बाद में शेष रकम दी जानी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रुपये नहीं देने पर उन्हें और उनके बच्चों को झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जिंदगी मुश्किल बनाने की धमकी दी जाती थी। इतना ही नहीं, मुलाकात के दौरान कभी नारियल पानी, तो कभी पेड़ा और आम मंगवाकर भी कथित तौर पर दबाव बनाया जाता था।

डॉ. लक्ष्मण राम ने पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही एसआई ने 50 हजार रुपये की कथित घूस ली, पहले से घात लगाए बैठी टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए विजिलेंस टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई। इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर