दिनदहाड़े घर के दरवाजे से किडनैप कर अपराधियों ने युवक को मारी गोली, बेखौफ बदमाशों का तांडव से इलाके में दहशत
Bihar Crime News: बिहार में एक बार फिर गुंडाराज का नंगा नाच देखने को मिला, जहां बैंखौफ बदमाशों ने सरेआम एक युवक को घर के सामने से अगवा कर मौत के घाट उतार दिया।
Bihar Crime News: बिहार में एक बार फिर गुंडाराज का नंगा नाच देखने को मिला, जहां बैंखौफ बदमाशों ने सरेआम एक युवक को घर के सामने से अगवा कर मौत के घाट उतार दिया। बेगूसराय के परिहारा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 में हुई इस खूनी वारदात ने इलाके में दहशत की चादर बिछा दी है। मृतक की पहचान बिरजू साहनी के रूप में हुई है, जो राजेंद्र साहनी का बेटा था। बताया जाता है कि बिरजू खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहा था, तभी आधा दर्जन से ज्यादा बदमाश झुंड बनाकर वहां पहुंचे। पहले तो उन्होंने बिरजू को जबरन पकड़ लिया, और जब उसने जाने से इंकार किया, तो बेरहमी से पिटाई की गई।
इसके बाद शुरू हुआ खौफ का असली खेल बदमाश उसे घसीटते हुए कुछ दूरी तक ले गए और फिर गोलियों से छलनी कर दिया। गोली की आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। काफी देर बाद जब परिजनों ने खोजबीन की, तो बिरजू का शव घर से कुछ ही दूरी पर पड़ा मिला।
इस कत्ल की कहानी में सबसे चौंकाने वाला एंगल 15 साल पुरानी दुश्मनी का है। परिजनों के मुताबिक, बिरजू के पिता की भी इसी इलाके में गोली मारकर हत्या की गई थी, और उस केस में बिरजू अहम गवाह था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि उसी गवाही की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही परिहारा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। इस केस में पुलिस अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि बिरजू साहनी मजदूरी करता था और हाल ही में बेंगलुरु से अपने गांव लौटा था। लेकिन उसे क्या पता था कि गांव की जमीन पर कदम रखते ही मौत की घात उसका इंतजार कर रही है। यह वारदात एक बार फिर सवाल खड़ा करती है क्या गवाह होना अब मौत का बुलावा बन गया है? बेगूसराय में कानून का खौफ खत्म हो चुका है या अपराधियों के हौसले आसमान छू रहे हैं? फिलहाल, इलाके में खामोशी है… लेकिन इस खामोशी के पीछे खौफ की चीख साफ सुनाई दे रही है।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री