Bihar Fake Currency Gang: जाली नोटों का खेला फेल, पुलिस ने पकड़ा नोट छापने का जुगाड़ और हथियार, दो गिरफ्तार, एक फरार
Bihar Fake Currency Gang: पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो न सिर्फ जाली नोटों के काले कारोबार में लिप्त था, बल्कि...
Bihar Fake Currency Gang: पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो न सिर्फ जाली नोटों के काले कारोबार में लिप्त था, बल्कि हथियारों के दम पर दहशत फैलाने की तैयारी में था। पश्चिम चंपारण के बेतिया की कंगली थाना पुलिस ने देर रात सघन वाहन जांच के दौरान इस गैंग की कमर तोड़ दी है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के रास्ते कुछ बदमाश भारी मात्रा में जाली नोट और अवैध हथियारों की खेप लेकर इस इलाके से गुजरने वाले हैं। इस इनपुट के आधार पर नरकटियागंज एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्रिवेणी घोड़ासहन पुल के पास जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रुकवाया और तलाशी लेनी शुरू कर दी।
तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। पुलिस ने दो बदमाशों को मौके पर ही दबोच लिया, जिनकी पहचान पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र निवासी ज्वाला सिंह और सचिन कुमार के रूप में हुई है। वहीं, गिरोह का तीसरा साथी दिलीप कुमार अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से चंपत होने में कामयाब रहा। पुलिस को अपराधियों के पास से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध कागज, एक लोडेड देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फौरन कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, फरार आरोपी दिलीप कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जाली नोटों के इस नेटवर्क का खुलासा होना पुलिस की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इलाके में चर्चा है कि अगर ये बदमाश पकड़े न जाते, तो शायद भारी मात्रा में जाली नोट बाजार में खपाकर अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते थे। फिलहाल, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट- आशीष कुमार