Bihar police encounter: कार्यापलक पदाधिकारी हत्याकांड का मास्टरमाइंड पुलिस एनकाउंटर में ढेर, गोलीकांड के बाद हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में किया एनकाउंटर, 3 पुलिस वाले भी घायल

नगर परिषद कार्यालय के अंदर हुई खूनी वारदात मामले में पुलिस ने संभाला और अपराधियों को घेर लिया,देखते ही देखते यह मुठभेड़ एक भीषण एनकाउंटर में तब्दील हो गई। इस क्रॉस फायरिंग में रामाधीन यादव को गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया।

हत्याकांड का मास्टरमाइंड पुलिस एनकाउंटर में ढेर- फोटो : social Media

Bihar police encounter: बिहार के भागलपुर ज़िले के सुल्तानगंज में  नगर परिषद कार्यालय के अंदर हुई खूनी वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। दिनदहाड़े नकाबपोश बदमाशों ने जिस बेरहमी और बेखौफ अंदाज में फायरिंग की, उसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस सनसनीखेज गोलीकांड में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नगर सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बताई जा रही है।

घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में था और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। जांच के दौरान जो नाम सबसे ऊपर आया, वह था रामधनी यादव जिसे इस पूरे हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रामधनी यादव, जो कि नगर परिषद उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति भी बताया जाता है, इस पूरी साज़िश की जड़ में था।

बुधवार सुबह पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी रामधनी यादव अपने एक साथी के साथ इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस की स्पेशल टीम ने ताबड़तोड़ छापा मारा। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए अचानक फायरिंग शुरू कर दी। माहौल एकदम गरम हो गया और दोनों तरफ से गोलियों की बौछार होने लगी।

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में मोर्चा संभाला और देखते ही देखते यह मुठभेड़ एक भीषण एनकाउंटर में तब्दील हो गई। इस क्रॉस फायरिंग में रामधनी यादव को गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। वहीं उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और तुरंत अस्पताल भेजा गया। इस एनकाउंटर के दौरान तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे सुल्तानगंज और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। माहौल में अभी भी तनाव और दहशत का साया बना हुआ है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हमला पूरी तरह से पूर्व-नियोजित लग रहा है और इसके पीछे एक गहरी साजिश की परतें जुड़ी हो सकती हैं। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस क्रिमिनल नेटवर्क और सियासी कनेक्शन की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से कई हथियार भी बरामद किए हैं। प्रशासन का दावा है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे गैंग का पर्दाफाश किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां पुलिस इसे बड़ी कामयाबी बता रही है, वहीं दूसरी ओर इलाके में डर और सनसनी का माहौल अभी भी कायम है।