भागलपुर में जुए के अड्डे पर पुलिस का धावा, 19 जुआरी गिरफ्तार, 5.10 लाख कैश और 18 मोबाइल बरामद, कई का आपराधिक इतिहास

भागलपुर में अवैध गेमिंग और जुए के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अड्डे का भंडाफोड़ किया है, जहां कथित तौर पर लंबे समय से घर के भीतर जुए का खेल चल रहा था।

भागलपुर में जुए के अड्डे पर पुलिस का धावा- फोटो : social Media

Bhagalpur: भागलपुर में अवैध गेमिंग और जुए के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अड्डे का भंडाफोड़ किया है, जहां कथित तौर पर लंबे समय से घर के भीतर जुए का खेल चल रहा था। मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर जुआ खेल रहे और जुआ आयोजित कराने वाले कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 5 लाख 10 हजार रुपये नकद, 13 गड्डी ताश, पांच एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन बरामद किए।

रविवार को सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेसवार्ता कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुनील यादव के घर में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाकर अवैध रूप से जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि संबंधित ठिकाने पर लंबे समय से गेमिंग का यह कारोबार चल रहा है।सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व एसडीपीओ ने किया, जबकि संबंधित थानाध्यक्ष के साथ जिला पुलिस की डीआईयू टीम को भी अभियान में शामिल किया गया। पुलिस ने पहले सूचना की तस्दीक की और मामला सही पाए जाने के बाद संयुक्त टीम ने चिन्हित ठिकाने पर अचानक दबिश दी।

ताश की गड्डियों के साथ नकदी और मोबाइल जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 19 लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर 5.10 लाख रुपये नकद, 13 गड्डी ताश, पांच एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया है। मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

कई आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड, नेटवर्क की भी जांच

सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की गई है। प्रारंभिक जांच में कई आरोपियों के पूर्व में गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त रहने और जेल जाने की जानकारी सामने आई है।इसके बाद पुलिस अब इस मामले को केवल जुए के एक अड्डे तक सीमित मानकर नहीं चल रही है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए यह पता लगाया जा रहा है कि अड्डे का असली संचालक कौन था, जुए के जरिए कितना आर्थिक लेन-देन होता था और क्या इसके तार किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़े हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यदि जांच में संगठित अपराध या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कार्रवाई हो सकती है।