नाबालिग से दुष्कर्म मामला : पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव की बरी होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची बिहार सरकार

वर्ष 2016 में नाबालिग किशोरी के साथ बलात्कार मामले में वर्ष 2018 आजीवन कारावास के दोषी और पटना हाई कोर्ट द्वारा अप्रैल 2025 में बरी किये गये पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव को बिहार सरकार ने बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है।

Former MLA Raj Ballabh Yadav in Minor Rape Case- फोटो : news4nation

Bihar News :  नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पटना हाईकोर्ट द्वारा पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई हो चुकी है और अब दो सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी।


नाबालिग के उम्र पर तकरार 

सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद है और उसके आधार पर भी आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि पीड़िता के मैट्रिक प्रमाणपत्र को खारिज करना उचित नहीं था, क्योंकि बचाव पक्ष ने निचली अदालत में इसे कभी फर्जी नहीं बताया था। ऐसे में केवल मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उम्र तय कर आरोपी को बरी करना कानूनन सही नहीं माना जा सकता।


याचिका में यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट ने एक महिला डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट पर भरोसा किया, जबकि वह रिपोर्ट अदालत के रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं थी और न ही उसे विधिवत साक्ष्य के रूप में पेश किया गया था। सरकार का कहना है कि ऐसे दस्तावेज के आधार पर फैसला सुनाना न्यायिक दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है। साथ ही, पीड़िता के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिलने का अर्थ यह नहीं है कि अपराध नहीं हुआ।


क्या है मामला 

आरोप के अनुसार एक नाबालिग लडकी को 6 फरवरी 2016 को एक महिला द्वारा अपहरण किए जाने के बाद राजबल्लभ यादव ने उसके साथ बलात्कार किया था। उसने यादव के घर को घटना स्थल बताया था, लेकिन कहा था कि उसके समर्थकों ने पुलिस टीम को घर से सबूत इकट्ठा करने से रोक दिया था। लड़की ने यह भी बताया था कि उसे पुलिस को घटना की सूचना न देने के लिए 30,000 रुपये दिए गए थे। मामले की जाँच के बाद दिसम्बर 2017 में राज्बल्ल्भ को दोषी करार दिया गया जबकि जनवरी 2018 में किशोरी के साथ बलात्कार के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दो अन्य आरोपियों को भी आजीवन कारावास दिया गया, जबकि तीन अन्य को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत देते हुए अप्रैल 2025 में राजबल्लभ यादव को बरी कर दिया।


राजद से जदयू का सफर 

इस बीच, राजबल्लभ यादव के जेल जाने के बाद उनकी पत्नी विभा देवी राजनीति में सक्रिय हुईं। पहले वे राजद के टिकट पर चुनाव लड़ती थीं, लेकिन बाद में जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गईं। वर्तमान में विभा देवी नवादा विधानसभा सीट से जदयू की विधायक हैं।

अमन की रिपोर्ट