Bihar Police Encounter: पटना- आरा एनकाउंटक के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था पर गरमाई सियासत, क्या सचमुच अपराध का कॉन्सेप्ट खत्म हो गया, पढ़िए

Bihar Police Encounter: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह दावा है कि राज्य में अब 'अपराध का कॉन्सेप्ट' ही पूरी तरह खत्म हो चुका है। पटना और भोजपुर एनकाउंटर के बाद एक नई सियासी और प्रशासनिक बहस छिड़ गई है। ...

क्या 'अपराध का कॉन्सेप्ट' ही पूरी तरह खत्म हो चुका है?- फोटो : X

Bihar Police Encounter: बिहार में कानून और व्यवस्था  को लेकर एक नई सियासी और प्रशासनिक बहस छिड़ गई है। सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह दावा है कि राज्य में अब 'अपराध का कॉन्सेप्ट' ही पूरी तरह खत्म हो चुका है। उनका कहना है कि छिटपुट जुर्म या क्राइम की घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन संगठित अपराध  की जगह अब सूबे में नहीं बची है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में पुलिसिया कार्रवाई और जमीनी हकीकत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अगर बीते कुछ महीनों, खासकर अक्टूबर और नवंबर 2026 की तस्वीरों पर नजर डालें, तो बिहार पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) अपराधियों पर पूरी तरह सख्त और आक्रामक नजर आ रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस और बेखौफ बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ मुठभेड़ की कई वारदातें सामने आई हैं। इन मुठभेड़ों में कई नामी-गिरामी और कुख्यात अपराधी ढेर हुए हैं, तो कई गोलियां लगने के बाद सलाखों के पीछे पहुंचे हैं।

हालिया घटनाओं ने साफ कर दिया है कि पुलिस अब अपराधियों को बख्शने के मूड में नहीं है-पटना (मनेर): 6 नवंबर 2026 को मनेर में पुलिस और बदमाशों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू की हत्या में शामिल तीन शातिर अपराधियों राजा शर्मा, बबलू कुमार और जेपी यादव को पुलिस ने ढेर कर दिया। इस जांबाज कार्रवाई में मनेर के थाना इंचार्ज भी जख्मी हुए।

भोजपुर: इसी दिन (6 नवंबर) भोजपुर के बहोरनपुर में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड के शूटर पवन यादव को मुठभेड़ के बाद गोली मारकर गिरफ्तार किया गया।दरभंगा: 5 नवंबर को सकतपुर थाना क्षेत्र में गश्ती के दौरान पुलिस और अपराधियों का सामना हुआ, जिसमें साहसी सहायक दारोगा (ASI) रणधीर कुमार गोली लगने से घायल हो गए।वैशाली और बख्तियारपुर: नवंबर की शुरुआत में वैशाली में 17 संगीन मामलों के आरोपी राज नंदन उर्फ छोटू के पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली लगी। वहीं 25 अक्टूबर को बख्तियारपुर में गैराज संचालक के हत्यारे सौरभ सिंह को पुलिस की जवाबी कार्रवाई (हाफ एनकाउंटर) में गोली लगी।

गया, फतूहा और सीतामढ़ी: गया में दारोगा के बेटे की हत्या के आरोपी रानू सिंह को मुठभेड़ में दबोचा गया, जबकि फतूहा में कुख्यात शुभम झा और सीतामढ़ी में 3 अपराधियों को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया।पुलिस की इस आक्रामक 'जीरो टॉलरेंस' नीति से जहां अपराधियों में खौफ का माहौल बना है, वहीं आम जनता के बीच सुरक्षा की उम्मीद जगी है। अब देखना यह है कि यह ताबड़तोड़ कार्रवाई बिहार को अपराध मुक्त बनाने में कितनी कारगर साबित होती है।इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल है कि  राज्य में अब 'अपराध का कॉन्सेप्ट' ही पूरी तरह खत्म हो चुका है। 

ब्यूरो रिपोर्ट