कांग्रेस के पूर्व विधायक के भाई के तीन ठिकानों पर छापेमारी, राजधानी के बड़े होटल में 20 करोड़ रुपए का निवेश...

Crime News: भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। ....

कांग्रेस नेता के घर से करोड़ों - फोटो : social Media

Crime News: भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस टीम ने उत्तर प्रदेश के बहराइच के पयागपुर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के भाई अजय कुमार श्रीवास्तव से जुड़े लखनऊ और गोंडा के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को करीब 28 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।

विजिलेंस के मुताबिक, अजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ पहले से खुली जांच चल रही थी। जांच में उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 763.65 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर विजिलेंस के अयोध्या सेक्टर थाने में वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की तफ्तीश आगे बढ़ी तो अदालत से सर्च वारंट हासिल किया गया और बुधवार को तीन टीमों ने एक साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।

विजिलेंस की टीम ने गोंडा के जानकीनगर स्थित मकान, लखनऊ के गणेशपुर-रहमानपुर में मटियारी तिराहे के पास स्थित मिलेनिया रिजेन्सी होटल और इंदिरानगर के पटेलनगर सेक्टर-8 स्थित मकान पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए।

छापेमारी में सबसे ज्यादा चर्चा लखनऊ के छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल की हो रही है। विजिलेंस के अनुसार होटल में 108 कमरे हैं। जांच एजेंसी ने होटल के निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया है। वहीं होटल की साज-सज्जा और लग्जरी सुविधाओं पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है। यानी सिर्फ इस होटल से जुड़े निर्माण और साज-सज्जा का अनुमानित खर्च करीब 20 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

जांच एजेंसी अब इस संपत्ति के पीछे लगे धन की पूरी कुंडली खंगालने में जुटेगी। सवाल यह है कि होटल के निर्माण, साज-सज्जा और अन्य संपत्तियों में लगाया गया पैसा आखिर आया कहां से? क्या इन निवेशों का स्रोत आरोपी की घोषित आय से मेल खाता है? इसी कड़ी में बैंक खातों, निवेश, जमीन-जायदाद और परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की भी पड़ताल की जा सकती है।

अजय कुमार श्रीवास्तव का नाम NRHM घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी रहे तत्कालीन CMO के कार्यालय लिपिक के रूप में भी सामने आया है। उनके भाई मुकेश कुमार श्रीवास्तव को भी NRHM घोटाले का मुख्य आरोपी बताया गया है। इसी पृष्ठभूमि में आय से अधिक संपत्ति की जांच ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, विजिलेंस की ओर से सामने रखे गए आंकड़े अभी जांच का हिस्सा हैं। करीब 28 करोड़ रुपये की कथित अनानुपातिक संपत्ति के वास्तविक स्रोत, स्वामित्व और वैधता का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विजिलेंस का शिकंजा कस चुका है और अब संपत्तियों की खरीद से लेकर निवेश तक पैसे की पूरी कुंडली खंगाली जाएगी।