Bihar Crime: बिहार में रसूख के दम पर आचरण प्रमाण पत्र का खेल, मुकदमों के बावजूद मिला 22 टेंडर, सिस्टम में ऐसे लगाया जा रहा है सेंध

Bihar Crime: बिहार में पंचायत चुनाव की आहट के साथ सियासत का पारा चढ़ता जा रहा है, लेकिन इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल और शक को हवा दे दी है।...

बिहार में फर्जी आचरण प्रमाण पत्र का खेल- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार में पंचायत चुनाव की आहट के साथ सियासत का पारा चढ़ता जा रहा है, लेकिन इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल और शक को हवा दे दी है। दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड के भंडारीसम पंचायत में आचरण प्रमाण पत्र को लेकर उठे सवाल अब चर्चा-ए-आम बन चुके हैं।ग्रामीणों का इल्ज़ाम है कि मुखिया अन्नू कुमारी के पति आशीष कुमार यादव पर आर्म्स एक्ट समेत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, बावजूद इसके उन्होंने कथित तौर पर रसूख और पहुंच के दम पर आचरण प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। यही नहीं, इस साफ-सुथरी छवि के सहारे उन्होंने ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेकर करीब 22 योजनाओं पर काम भी हासिल कर लिया।

गांव वालों का कहना है कि यह पूरा मामला महज़ कागज़ी खेल नहीं, बल्कि सियासी असर और सिस्टम की मिलीभगत का नतीजा है। आरोप यह भी है कि पंचायत में विकास योजनाओं के चयन के लिए जरूरी ग्राम सभा तक नहीं बुलाई गई, और सारे फैसले बंद कमरे में लिए गए। इससे पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।सबसे संगीन आरोप यह है कि विकास के नाम पर गरीबों की जमीन पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है, जिससे लोगों में गुस्सा और बेचैनी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने इस मामले की लिखित शिकायत वरीय अधिकारियों से करते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, मुखिया पक्ष ने इन तमाम इल्ज़ामात को सिरे से खारिज किया है। आशीष कुमार यादव का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे साजिश के तहत थोपे गए हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि पंचायत के सभी विकास कार्य नियमों और पारदर्शिता के साथ किए गए हैं।इस पूरे विवाद पर दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने भी संज्ञान लिया है। उनका कहना है कि मामले की जानकारी मिली है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

पंचायत चुनाव से पहले उठा यह मुद्दा अब सियासी अखाड़े में बड़ा हथियार बनता दिख रहा है। एक तरफ आरोपों की गूंज है, तो दूसरी तरफ सफाई का दौर ऐसे में सच क्या है, यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा, लेकिन फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा और विवाद का केंद्र बन चुका है।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर