Patna Crime: अरबों की जमीन पर डाका डालने की साजिश नाकाम, रजिस्ट्री ऑफिस में सेंध लगाने वाले गैंग का सरगना समेत 7 शातिर दबोचे गए, पुलिस पूछताछ में हुए कई खुलासे
Patna Crime: चोरों का टारगेट रजिस्ट्री ऑफिस में रखे 1945 के पुराने जमीन के दस्तावेज थे, जिनकी बाजार में कीमत अरबों में आंकी जा रही है।
Patna Crime: पटना में एक बड़ी आपराधिक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जहां निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय में घुसकर करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों की जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज चुराने की खौफनाक प्लानिंग को पुलिस ने वक्त रहते नाकाम कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल साजिश में शामिल मास्टरमाइंड समेत कुल 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार बिल्डर लॉबी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
घटना 29 अप्रैल की है, जब गांधी मैदान थाना क्षेत्र में गश्ती दल को मुखबिर से इनपुट मिला कि कुछ संदिग्ध लोग रजिस्ट्री ऑफिस की चारदीवारी फांदने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर दबिश दी तो देखा कि तीन बदमाश लोहे की रॉड लेकर दीवार पर चढ़े हुए थे, जबकि पास में एक अर्टिगा कार खड़ी थी। पुलिस को देखते ही आरोपी फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर चार लोगों को मौके से ही दबोच लिया गया।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान कटिहार के रहने वाले मो. फसीम, अख्तर अंसारी, अरमान खान उर्फ सरफराज और ऐजुल खान के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके पास से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार, 4 मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया।
इस मामले की जानकारी देते हुए नगर पुलिस अधीक्षक मध्य दीक्षा ने बताया कि अपराधियों ने कबूल किया कि वे एक बड़े बिल्डर के इशारे पर इस वारदात को अंजाम देने आए थे। उनका टारगेट रजिस्ट्री ऑफिस में रखे 1945 के पुराने जमीन के दस्तावेज थे, जिनकी बाजार में कीमत अरबों में आंकी जा रही है। डील के तहत हर आरोपी को 40 हजार रुपये मेहनताना देने का वादा किया गया था।
पुलिस ने इस खुलासे के बाद तुरंत एक्शन लेते हुए कटिहार में छापेमारी कर तीन और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि यह गैंग पहले भी जमीन के कागजात की चोरी और हेराफेरी में शामिल रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तहकीकात में जुटी है और इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस साजिश के पीछे कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। इस कार्रवाई से साफ है कि कानून के शिकंजे से बचना अब इन शातिरों के लिए नामुमकिन होता जा रहा है।
रिपोर्ट-अनिल कुमार