Bihar Crime: कर्नाटक के मैसूर में 10 करोड़ की ज्वेलरी लूट का बिहार से जुड़ा कनेक्शन, दरभंगा से गिरफ्तार हुआ लुटेरा , पुलिस ने दिखाई फिल्मी अंदाज की सतर्कता

Bihar Crime:कर्नाटक के मैसूर जिले के हुनासुर में 28 दिसंबर 2025 को हुई करीब 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।...

कर्नाटक के मैसूर में 10 करोड़ की ज्वेलरी लूट का बिहार से जुड़ा कनेक्शन- फोटो : reporter

Bihar Crime:कर्नाटक के मैसूर जिले के हुनासुर में 28 दिसंबर 2025 को हुई करीब 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल एक आरोपी ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह को कर्नाटक पुलिस की स्पेशल टीम ने बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी फिल्मी अंदाज़ में हुई। पुलिस पिछले लगभग एक सप्ताह से सिविल ड्रेस में रैकी कर रही थी। कभी बैंक जाते दिखे, तो कभी खेतों में घूमते, आम के बगीचों में रात बिताते, मछली बेचते और ताश खेलते नजर आए। किसी को भनक नहीं लगी कि ये पुलिसकर्मी थे। पूरी लोकेशन और गतिविधियों की पुष्टि के बाद करीब 12 पुरुष पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी की टीम ने छोटू सिंह को ताश खेलते हुए दबोच लिया।

जानकारी के अनुसार, 28 दिसंबर को लुटेरे दो बाइकों पर सवार होकर हुनासुर स्थित स्काई गोल्ड ज्वेलरी शोरूम पहुंचे। दोपहर 2:04 बजे शोरूम में घुसकर सिर्फ 5 मिनट में 8 किलो 34 ग्राम सोना व हीरे के गहने लूटकर फरार हो गए। लूट की कुल कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये बताई गई। शोरूम मालिक ने हुनासुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।

जांच के लिए मैसूर के डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पांच विशेष टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज से लुटेरों की पहचान हुई। जांच के दौरान नवगछिया थाना क्षेत्र (भागलपुर) निवासी पंकज सिंह का नाम सामने आया, जिसे कर्नाटक एसटीएफ, पटना और भागलपुर एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में पंकज की निशानदेही पर छोटू सिंह की गिरफ्तारी हुई। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से सोने की बरामदगी और आगे के खुलासों के लिए पूछताछ जारी है।

गिरफ्तार छोटू सिंह की पत्नी दीपमाला देवी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपने पति को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उनका छोटू सिंह से लगभग 8 वर्ष पहले दिल्ली में कोर्ट मैरिज हुई थी। दीपमाला ने बताया कि उनके पहले पति से तीन संतान हैं, जो अब अपने दादाजी के साथ रहती हैं। उनके वर्तमान पति छोटू सिंह दिल्ली में ऑटो चलाते थे और उसी से जो आमदनी होती थी, वह पैसा गांव भेजते थे।

यह मामला न केवल लूट और गिरफ्तारी की कहानी है, बल्कि पुलिस की सतर्कता और जासूसी की फिल्मी शैली ने इसे और अधिक सनसनीखेज बना दिया है।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर