हर्ष फायरिंग केस में विधायक राजू सिंह को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने सजा पर लगाई रोक, 25 लाख मुआवज़े का आदेश बरकरार

Bihar News: हर्ष फायरिंग मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।...

हर्ष फायरिंग केस में विधायक राजू सिंह को बड़ी राहत- फोटो : social Media

Bihar News: हर्ष फायरिंग मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए रिहाई का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर कानूनी हलकों तक हलचल तेज हो गई है। हालांकि मामले की सुनवाई अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और अपील पर अंतिम फैसला आना बाकी है।

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ ने 27 जुलाई को सुनवाई के दौरान विधायक राजू सिंह की सजा को निलंबित कर दिया। अदालत ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक स्थानीय ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले निचली अदालत ने गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए चार साल दो महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी। राजू सिंह इस मामले में करीब दो महीने 22 दिन जेल में रह चुके हैं।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के सामने कई अहम दलीलें पेश कीं। वकीलों ने कहा कि घटना के वक्त विधायक के सुरक्षा गार्ड ने भी राइफल से फायरिंग की थी। फोरेंसिक रिपोर्ट यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि पीड़ित को लगी गोली विधायक की पिस्टल से चली थी या सुरक्षा गार्ड की राइफल से। इसके अलावा मुकदमे के दौरान कई महत्वपूर्ण गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए और किसी ने भी अदालत में सीधे तौर पर विधायक पर गोली चलाने का आरोप नहीं लगाया।

इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने माना कि अपील की अंतिम सुनवाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती। ऐसे में सजा पर रोक लगाना न्यायोचित होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतिम बरी किए जाने का फैसला नहीं है, बल्कि अपील लंबित रहने तक सजा के क्रियान्वयन पर रोक से संबंधित अंतरिम राहत है।

उधर, इस मामले में पीड़ित पक्ष को 25 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश यथावत बना हुआ है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे प्रकरण पर एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें अपील की अंतिम सुनवाई और अदालत के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।