Bihar Crime: हाई अलर्ट पर एयरपोर्ट, विदेशी यात्री के हैंड बैगेज से मिले दो जीपीएस ट्रैकर, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप

Bihar Crime:अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर प्री-एम्बार्केशन चेक के दौरान एक चिली नागरिक के हैंड बैगेज से दो संदिग्ध जीपीएस ट्रैकर बरामद किए गए।...

हाई अलर्ट पर एयरपोर्ट- फोटो : social Media

Bihar Crime: अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार को उस वक्त सिक्योरिटी अलार्म बज उठा, जब प्री-एम्बार्केशन चेक के दौरान एक चिली नागरिक के हैंड बैगेज से दो संदिग्ध जीपीएस ट्रैकर बरामद किए गए। इस बरामदगी के बाद एयरपोर्ट से लेकर खुफिया एजेंसियों तक सतर्कता का सायरन गूंज उठा और पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा चूक के एंगल से देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, चिली नागरिक वेस्ली एंड्रेस फार्फान वाटर्स थाई एयरवेज की फ्लाइट से बैंकॉक रवाना होने वाला था। दोपहर करीब 12:30 बजे इंटरनेशनल सिक्योरिटी होल्ड एरिया में जब उसके बैग को एक्स-बीआईएस स्कैनर मशीन से गुजारा गया, तो स्क्रीन पर कुछ असामान्य और संदिग्ध आकृतियां उभरकर सामने आईं। स्क्रीनर एसआई ने फौरन सूझबूझ दिखाते हुए बैग को साइड में कराया और सुरक्षा मानकों के तहत उसकी गहन तलाशी ली।

गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तलाशी के दौरान बैग से दो जीपीएस ट्रैकर बरामद हुए। इनमें एक होलक्स कंपनी का और दूसरा गार्मिन कंपनी का बताया जा रहा है। यह बरामदगी अपने आप में चौंकाने वाली थी, क्योंकि इंटरनेशनल फ्लाइट में ऐसे उपकरणों को ले जाने के लिए स्पष्ट वैध अनुमति और दस्तावेज़ अनिवार्य होते हैं। सुरक्षा कर्मियों ने जब यात्री से इन उपकरणों से संबंधित कागजात मांगे, तो वह कोई भी प्रमाण पेश नहीं कर सका।

इसके बाद एविएशन सिक्योरिटी के निर्देश पर यात्री और जब्त दोनों जीपीएस डिवाइस को मगध मेडिकल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने विदेशी नागरिक को हिरासत में लेकर पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया है। पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इन जीपीएस ट्रैकर्स का मकसद क्या था—निजी इस्तेमाल, व्यवसायिक कारण या फिर किसी गहरी साजिश की पटकथा?

मगध मेडिकल थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि विदेशी यात्री से लगातार पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच हो रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि कहीं यह मामला जासूसी, सर्विलांस या प्रतिबंधित गतिविधियों से तो जुड़ा नहीं है।

फिलहाल गया एयरपोर्ट पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सवाल यही है कि एक विदेशी नागरिक के पास बिना अनुमति जीपीएस ट्रैकर होना महज़ लापरवाही है या फिर किसी बड़ी साजिश की खामोश दस्तक? जांच के नतीजे आने तक यह मामला रेड अलर्ट पर है।