Bihar Police: थानाध्यक्ष पर गिरी गाज,पद से हटाए गए, तस्करों से मिली भगत के आरोप में साहेब ने नाप दिया
Bihar Police: गया शराब माफिया, बालू माफिया और गिट्टी लदे वाहनों से कथित अवैध वसूली के आरोपों पर गया जिले के गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
Bihar Police: गया शराब माफिया, बालू माफिया और गिट्टी लदे वाहनों से कथित अवैध वसूली के आरोपों पर गया जिले के गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से गुरारू थानाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया और पुलिस केंद्र, गया वापस बुला लिया गया है।
मामला एक आवेदन के बाद जांच के दायरे में आया था। आवेदक रविशंकर अवस्थी की ओर से गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार और चौकीदार दुर्गा पासवान के पुत्र ललन कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि थाना क्षेत्र में शराब, बालू और गिट्टी लदे वाहनों से कथित तौर पर नियमित रूप से अवैध राशि की वसूली की जा रही थी।
मामले की जांच पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, गया के स्तर से कराई गई। जांच प्रतिवेदन में विश्वसनी सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कथित तौर पर यह बात सामने आई कि गुरारू थानाध्यक्ष द्वारा चौकीदार के पुत्र ललन कुमार को थाना परिसर में रखकर अवैध वसूली का काम कराए जाने की बात कही गई।जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार और ललन कुमार के आचरण को संदिग्ध बताया गया। इसके बाद पुलिस महकमे के वरीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का फैसला किया।
मामले में पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गया के निर्देश के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, गया ने कार्रवाई की। आदेश के तहत पुलिस अवर निरीक्षक अखिलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से गुरारू थानाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया।उन्हें पुलिस केंद्र, गया वापस भेज दिया गया है। आदेश में उन्हें 24 घंटे के भीतर पुलिस केंद्र में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
थानाध्यक्ष के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद अब गुरारू थाना की कमान नए अधिकारी को सौंपे जाने की तैयारी है। नए थानाध्यक्ष की तैनाती के बाद थाना क्षेत्र में पुलिसिंग और अवैध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर भी प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।अखिलेश कुमार को थानाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अब यह देखना अहम होगा कि विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि अवैध वसूली के आरोपों को लेकर महकमा गंभीर है। अब विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है।
रिपोर्ट- मनोज कुमार