गया में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही, पंचानपुर SHO समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

गया में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद कथित तौर पर बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले में जांच के बाद पंचानपुर SHO समेत तीन पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से

गया: बिहार के गया में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पंचानपुर थाना के SHO समेत तीन पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव के निर्देश पर की गई है।

पुलिस की ओर से 11 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी में गंभीर लापरवाही, मनमानी और अनुशासनहीनता बरतने का आरोप है।

6 अगस्त को घर से निकली थी नाबालिग

जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की 6 अगस्त की दोपहर अपने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन यानी 7 अगस्त को वह रोते हुए और डरी-सहमी हालत में घर पहुंची।

परिजनों के अनुसार, नाबालिग ने बताया कि पंचानपुर गांव के रहने वाले नीरज कुमार, पिता रामप्रवेश गोस्वामी ने उसे डराया-धमकाया और बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में रखा। पीड़िता ने उसके साथ जबरदस्ती किए जाने की बात भी बताई।आरोपी को थाने लाया गया, फिर छोड़ने का आरोप

मामले की शिकायत के बाद पंचानपुर थाना पुलिस ने 8 अगस्त को आरोपी नीरज कुमार को उसकी दुकान से हिरासत में लिया और थाने लेकर आई।

आरोप है कि अगले दिन 9 अगस्त को आरोपी को बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध क्षेत्र के आईजी ने आंतरिक जांच के आदेश दिए।  न FIR दर्ज हुई, न थाना दैनिकी में हुई एंट्री

 SHO समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड जांच के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच के अनुसार, नाबालिग से जुड़े इतने गंभीर मामले की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज नहीं की।

इसके अलावा आरोपी को हिरासत में लेने और बाद में छोड़ने की जानकारी थाना दैनिकी में भी दर्ज नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना और वरीय अधिकारियों को जानकारी दिए बिना छोड़ दिया गया।

आंतरिक जांच में प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता सामने आने के बाद पंचानपुर थाना के SHO समेत तीन पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, अब मामले में विधि-सम्मत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मामले की जांच की जा रही है।

नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में आरोपी को हिरासत में लेने के बाद कथित तौर पर बिना कार्रवाई के छोड़ने और थाना दैनिकी में इसकी जानकारी दर्ज नहीं करने को पुलिस की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।

मगध क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभाग सख्त कदम उठा रहा है।