Bihar Crime: शराब माफिया पर पुलिस का बड़ा एक्शन, चोरी की 21 बाइक से हो रही थी सप्लाई, जंगल से फरार हुए तस्कर
Bihar Crime: गया जिले में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद की है।....
Bihar Crime: गया जिले में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद की है। फतेहपुर थाना क्षेत्र के हलमता जंगल में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 21 मोटरसाइकिलों पर लदी करीब 3500 लीटर महुआ शराब जब्त की। पुलिस की दबिश की भनक लगते ही तस्कर शराब और बाइक छोड़कर घने जंगल का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त की गई अधिकांश मोटरसाइकिलें चोरी की हैं और उनका इस्तेमाल अवैध शराब की तस्करी में किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से जंगल के रास्ते बड़ी मात्रा में महुआ शराब बिहार लाई जा रही है। सूचना के आधार पर फतेहपुर थाना पुलिस ने हलमता जंगल की घेराबंदी कर सघन छापेमारी अभियान चलाया। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तस्करों में अफरा-तफरी मच गई और वे सभी बाइक व शराब छोड़कर जंगल में भाग निकले। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में शराब और तस्करी में इस्तेमाल हो रही मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि बरामद अधिकांश बाइक चोरी की हैं। पुलिस अब सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर और इंजन-चेसिस नंबर की जांच कर उनके वास्तविक मालिकों का पता लगा रही है। आशंका है कि चोरी की बाइक का इस्तेमाल लंबे समय से शराब तस्करी के नेटवर्क में किया जा रहा था, ताकि पुलिस की कार्रवाई से बचा जा सके।
फतेहपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि मामले में उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बरामद मोटरसाइकिलों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार तस्करों की पहचान की जा रही है। पूरे गिरोह और इसके सरगनाओं तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि फतेहपुर के जंगलों के रास्ते संचालित यह नेटवर्क काफी संगठित है और झारखंड से बिहार में अवैध शराब की आपूर्ति कर रहा था। 3500 लीटर महुआ शराब और 21 मोटरसाइकिलों की बरामदगी को जिले में शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों की नजर इस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने और इसके पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर है।
रिपोर्ट- मनोज कुमार