सरकारी जमीन पर कब्जे का विरोध पड़ा भारी, गोपालगंज में BDC समेत तीन पर जानलेवा हमला, लाठी-डंडे और चाकू से किया लहूलुहान

Bihar Crime:सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का विरोध करना एक जनप्रतिनिधि और उसके परिवार को भारी पड़ गया।...

सरकारी जमीन पर कब्जे का विरोध पड़ा भारी- फोटो : reporter

Bihar Crime: गोपालगंज जिले में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का विरोध करना एक जनप्रतिनिधि और उसके परिवार को भारी पड़ गया। मांझा थाना क्षेत्र के डुमरिया महुआ टोला गांव में दबंगों ने कथित तौर पर गौसिया पंचायत की बीडीसी सदस्य सुनीता देवी, उनके पति और ससुर पर लाठी, डंडे और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और तनाव का माहौल बन गया।पीड़ित पक्ष के अनुसार, गांव की सरकारी जमीन पर वर्षों से आम लोगों के आवागमन का रास्ता था। आरोप है कि कुछ दबंग उस सरकारी रास्ते पर जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण करा रहे थे। जब बीडीसी सदस्य सुनीता देवी, उनके परिवार और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो विवाद अचानक हिंसक हो गया।

आरोप है कि दबंगों ने पहले गाली-गलौज की और फिर लाठी, डंडे तथा धारदार चाकू से हमला बोल दिया। इस हमले में सुनीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पति ज्योतिष शर्मा और ससुर सत्यदेव शर्मा को भी गंभीर चोटें आईं। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने किसी तरह घायलों को बचाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।तीनों घायलों को पहले मांझा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में तीनों का इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार के निर्देश पर मांझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की। मामले में आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इस सनसनीखेज हमले के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग सरकारी जमीन पर कथित कब्जे और दबंगई के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। सरकारी रास्ते पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद जिस तरह खूनी संघर्ष में बदल गया, उसने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा