जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के बाद बड़ा एक्शन, पुलिस की गिरफ्त में 13 आरोपी, कई राज्यों में नेटवर्क

गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद पिछले सप्ताह भावनगर में जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है

Gujarat Hooch Tragedy- फोटो : news4nation

Hooch Tragedy :  जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की अब तक हुई मौत के बाद गुजरात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में 13 और लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का रहने वाला एक व्यक्ति भी शामिल है, जिस पर नकली और जहरीली शराब तैयार करने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। इन नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 27 हो गई है।


गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद पिछले सप्ताह भावनगर में जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 67 लोगों के जहरीली शराब पीने की बात सामने आई है।


मध्य प्रदेश से बुलाया गया था आरोपी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अधिकतर भावनगर के रहने वाले हैं। वहीं मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले आनंद छांदी को उज्जैन से भावनगर लाया गया था। पुलिस का दावा है कि उसे कथित तौर पर नकली शराब बनाने के लिए बुलाया गया था और पूरी साजिश में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।


जांच एजेंसी के अनुसार, आनंद ने जहरीली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की खरीद में भी अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद रविवार को 13 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जो 2 सितंबर तक जारी रहेगा।


38.59 प्रतिशत मेथनॉल मिला

जांच में सामने आया है कि तैयार की गई शराब में बेहद जहरीला रसायन मेथनॉल मौजूद था। फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट के अनुसार, जब्त किए गए जहरीले तरल में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल और 0.94 प्रतिशत इथेनॉल पाया गया। बताया जा रहा है कि जहरीली शराब को एक लोकप्रिय भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) ब्रांड के लेबल वाली बोतलों में भरकर सील किया गया था। इसके बाद इसे अवैध शराब कारोबारियों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया गया।


घर में तैयार की जा रही थी जहरीली शराब

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, भावनगर के वरतेज निवासी गौतम सोलंकी के घर पर जहरीली शराब तैयार की गई थी। आरोप है कि उज्जैन से आए रईस और उसके सहयोगी जुबेर ने अहमदाबाद से कच्चा माल और रसायन हासिल किए और सोलंकी के घर पर शराब तैयार की। इसके बाद इस अवैध कारोबार में मध्य प्रदेश के एक अन्य व्यक्ति नरेंद्र यादव को भी शामिल किया गया। पुलिस के अनुसार, जिस जहरीली शराब को उसने तैयार किया था, उसी का सेवन करने के बाद उसकी भी मौत हो गई।


पांच राज्यों में जांच के लिए टीमें भेजीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। 16 टीमें गुजरात के अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भेजी गई हैं। पुलिस अब मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत, उनकी सप्लाई, परिवहन और बोतल सील करने वाली मशीनों की व्यवस्था से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और गुजरात निषेध कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।