आधी रात बिहार के हाई वे पर वसूली का खेल? ओवरलोडिंग के नाम पर ट्रक चालक से बदसलूकी का आरोप, कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
Bihar Crime: हाजीपुर-छपरा एनएच पर देर रात करीब एक बजे के बाद ओवरलोडिंग के नाम पर ट्रकों को रोककर कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर वसूली का दबाव बनाया जा रहा था।....
Bihar Crime: हाजीपुर से सामने आया एक घटनाक्रम रात के अंधेरे में परिवहन विभाग की कार्रवाई और कथित वसूली के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि हाजीपुर-छपरा एनएच पर देर रात करीब एक बजे के बाद ओवरलोडिंग के नाम पर ट्रकों को रोककर कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर वसूली का दबाव बनाया जा रहा था।
तस्वीरें हाजीपुर के पासवान चौक से पहले बने ओवरब्रिज की हैं। यहां बिजली का खंभा लदे एक ट्रक को परिवहन विभाग की टीम ने रोका। आरोप है कि इसी दौरान टीम के साथ मौजूद एक निजी व्यक्ति ने ट्रक चालक का कॉलर पकड़ लिया और उसे जबरन नीचे उतारने की कोशिश की। पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही टीम को मीडिया की मौजूदगी और कैमरे की भनक लगी, ट्रक को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद ट्रक रामाशीष चौक होते हुए दोबारा पासवान चौक की तरफ पहुंचा। आरोप है कि फिर एक सुनसान और अंधेरी जगह पर ट्रक को रोककर चालक से बातचीत की गई।
परिवहन विभाग की ओर से ट्रक में ओवरलोडिंग होने की बात कही गई और उसे कांटा कराने के लिए ले जाने की जानकारी दी गई। इसी दौरान परिवहन विभाग के करण कुमार दरोगा मीडिया के कैमरे के सामने आए। उनसे जब ट्रक को करीब दो घंटे तक इधर-उधर ले जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ट्रक ओवरलोड है और कांटा कराने के लिए ले जाया जा रहा है।मामले को लेकर एक और सवाल यह उठता है कि कथित तौर पर ट्रक में एक निजी व्यक्ति को पहले से बैठाया गया था। वहीं जिस वाहन से कार्रवाई की जा रही थी, उसमें पुलिसकर्मी या किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी भी नजर नहीं आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया टीम ने हाजीपुर एसडीओ रामबाबू बैठा को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद आरोप है कि करण कुमार ने ट्रक को कांटा कराए बिना ही बिल्टी के कागजात वापस कर उसे वहां से जाने दिया।अब सवाल यह है कि अगर ट्रक वास्तव में ओवरलोड था, तो बिना कांटा कराए उसे क्यों छोड़ा गया? क्या पूरी कार्रवाई नियमों के तहत हो रही थी या फिर रात के अंधेरे में कोई और खेल चल रहा था? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार