किडनैपिंग की कहानी में ट्विस्ट, पुलिस ही बनी भक्षक, किडनैपिंग-फिरौती कांड में 2 ASI समेत 4 दबोचे गए , घर से बरामद हुई फिरौती की रकम

Bihar Crime: जमुई-नवादा बेल्ट से एक ऐसा सनसनीखेज कांड सामने आया है, जिसने कानून के रखवालों पर ही सवालों की बौछार कर दी है।

बिहार की किडनैपर पुलिस!- फोटो : social Media

Bihar Crime: जमुई-नवादा बेल्ट से एक ऐसा सनसनीखेज कांड सामने आया है, जिसने कानून के रखवालों पर ही सवालों की बौछार कर दी है। अपहरण और फिरौती के इस खेल में खाकी वर्दी वाले ही साज़िश के किरदार बन बैठे और आखिरकार पुलिस ने अपने ही महकमे के चार लोगों को दबोच लिया।

मामले की शुरुआत 23 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:30 बजे हुई, जब नर्वदा गांव निवासी पिंटू कुमार ने जमुई टाउन थाना में लिखित आवेदन देकर सनसनी फैला दी। उनके मुताबिक, उनके बड़े भाई संतोष कुमार दोपहर 1 बजे अपनी क्रेटा गाड़ी से निकले थे, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटे। इसी बीच शाम करीब 7:30 बजे संतोष का कॉल आया—आवाज़ में खौफ साफ था—“मुझे किडनैप कर लिया गया है, 5 लाख लेकर नवादा पहुंचो, तभी जान बचेगी!

इस डरावने कॉल’ के बाद घर में कोहराम मच गया। पिंटू कुमार अपने साले राहुल और चचेरे भाई मनीष के साथ 2 लाख रुपये लेकर नवादा की ओर रवाना हुए। लेकिन यहां जो खेल खेला गया, उसने पूरे सिस्टम को बेनकाब कर दिया। आरोप है कि पकरीबरावाँ उत्पाद थाना के इर्द-गिर्द ‘सेटिंग’ कर क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में 1.5 लाख रुपये वसूल लिए गए।

जमुई पुलिस ने जब इस पूरे मामले की तहकीकात शुरू की, तो परत-दर-परत चौंकाने वाले खुलासे होने लगे। जांच में साफ हुआ कि इस फिरौती रैकेट में खुद उत्पाद थाना के दो एएसआई और दो होमगार्ड की संलिप्तता है। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में सुजीत कुमार, दिलीप कुमार, रविंद्र कुमार और गुलशन कुमार शामिल हैं। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब फिरौती के तौर पर वसूले गए 1,50,000 रुपये एएसआई दिलीप कुमार के घर से बरामद किए गए। इसके साथ ही क्रेटा कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।

इस पूरे स्क्रिप्टेड कांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून के रखवाले ही खेल करने लगें, तो आम आदमी आखिर जाए तो कहां जाए? फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है, लेकिन इस केस ने साफ कर दिया है कि सिस्टम के भीतर ही ब्लैक गेम कितना गहरा बैठा हुआ है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस खाकी कनेक्शन पर सख्त सजा होगी या फिर मामला वक्त के साथ ठंडा पड़ जाएगा।

रिपोर्ट- राजगीर सिंह