Bihar Hotel Raid: कुकर्म के आरोप में हिरासत में 25 लड़के-लड़कियां, होटलों में चल रहा था गंदा खेल? पुलिस की एक साथ पांच ठिकानों पर दबिश
Bihar Hotel Raid:बिहार के होटलों और गेस्ट हाउस की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलने की सूचना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी...
Bihar Hotel Raid:बिहार के होटलों और गेस्ट हाउस की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलने की सूचना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी। गुप्त सूचना के आधार पर जहानाबाद में पुलिस ने बुधवार को शहर के चार होटल और एक गेस्ट हाउस में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 25 लड़के और लड़कियों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया है। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है और उनकी उम्र का सत्यापन भी कराया जा रहा है।
हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। पुलिस हर पहलू की तफ्तीश कर रही है। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों में कोई नाबालिग तो शामिल नहीं है।
छह टीमों ने एक साथ पांच ठिकानों पर बोला धावा
एसपी कोटा किरण कुमार के निर्देश पर छह पुलिस टीमों का गठन किया गया था। नगर थानाध्यक्ष आलोक कुमार और नगर अंचल इंस्पेक्टर दिवाकर कुमार विश्वकर्मा के संयुक्त नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।एसडीपीओ अनिकेत कुमार द्विवेदी ने छापेमारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित मां तारा होटल, रामराज होटल, नीलकमल होटल, फिदा हुसैन मोड़ के पास पलाश होटल और अरवल मोड़ के समीप मुरलीधर गेस्ट हाउस में कार्रवाई की।इस दौरान 25 लड़के-लड़कियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं नाबालिगों को होटल में कमरा उपलब्ध कराने या किसी तरह के शोषण का मामला तो नहीं है।
नाबालिग मिले तो होटल संचालकों की भी खैर नहीं
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच में यदि अनैतिक देह व्यापार या नाबालिगों से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। होटल और गेस्ट हाउस संचालकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।यानी होटल के कमरे किराये पर देने का कारोबार करने वालों को भी अब यह बताना पड़ सकता है कि आखिर उनके यहां कौन ठहर रहा था और किस आधार पर कमरा उपलब्ध कराया गया।
सड़क पर तमाशबीनों की भीड़, शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म
छापेमारी के दौरान होटलों के बाहर और आसपास की सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। हर कोई कार्रवाई के पीछे की कहानी जानने को उत्सुक दिखा। तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी को दोषी घोषित नहीं किया है।अधिकारियों के मुताबिक, यदि पूछताछ और सत्यापन में कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं मिलता है तो संबंधित लोगों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा जा सकता है। वहीं दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
जहानाबाद में इससे पहले भी स्टेशन के सामने स्थित एक होटल और मकान में छापेमारी की गई थी। उस दौरान करीब डेढ़ दर्जन लड़के-लड़कियां कुछ आपत्तिजनक सामान के साथ पकड़े गए थे और संबंधित होटल को सील कर दिया गया था।फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि गुप्त सूचना के पीछे कितनी सच्चाई है और होटल संचालकों की भूमिका क्या रही है। पुलिस की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। महज हिरासत में लिए जाने से किसी को अपराधी नहीं माना जा सकता, लेकिन यदि नाबालिगों के शोषण या देह व्यापार का मामला प्रमाणित होता है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट