पहचान बदलकर प्यार, फिर शोषण और धर्म परिवर्तन की जिद: आरोपी गिटारिस्ट गिरफ्तार 'अभिषेक' निकला ...
एक महिला म्यूजिक टीचर ने गिटार वादक अभिषेक उर्फ रौनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, अभिषेक ने खुद को हिंदू और ठाकुर बताकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया।साल 2023 से 2025 के बीच आरोपी ने शादी का झांसा देकर लगातार महिला का शारीरिक शोषण किया
एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला म्यूजिक टीचर ने गिटार वादक अभिषेक उर्फ रौनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, अभिषेक ने खुद को हिंदू और ठाकुर बताकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया। साल 2023 से 2025 के बीच आरोपी ने शादी का झांसा देकर लगातार महिला का शारीरिक शोषण किया। पीड़िता को इस बात का बिल्कुल भी अंदेशा नहीं था कि जिस व्यक्ति पर वह भरोसा कर रही है, उसने अपनी असली पहचान छिपाई हुई है।
गर्भपात और धोखे का खुलासा
पीड़िता का आरोप है कि 2025 में जब वह गर्भवती हुई, तो उसने अभिषेक पर शादी का दबाव बनाया। उस समय आरोपी ने अपनी कथित 'ठाकुर' पहचान का वास्ता देते हुए वादा किया कि वह शादी जरूर करेगा, लेकिन अभी गर्भपात (एबॉर्शन) करा ले। झांसे में आकर महिला ने एबॉर्शन करा लिया, जिसके तुरंत बाद आरोपी अपने वादे से मुकर गया। इसके बाद जब महिला ने फिर से दबाव डाला, तो आरोपी ने अपनी असलियत उजागर करते हुए बताया कि वह हिंदू नहीं बल्कि ईसाई है और उसका असली नाम 'अभिषेक क्लॉडियस' है।
बंधक बनाकर मारपीट और धर्मांतरण का दबाव
सच्चाई सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया। आरोपी ने शर्त रखी कि शादी के लिए महिला को अपना धर्म बदलकर ईसाई बनना होगा। पीड़िता का आरोप है कि जब वह आरोपी के घर गई, तो वहां उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई। शिकायत में आरोपी के पिता और भाई पर भी यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता के निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया।
पुलिस की कार्रवाई और मुख्य आरोपी गिरफ्तार
महिला की तहरीर पर कानपुर की कर्नलगंज कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एडीसीपी अर्चना सिंह के अनुसार, मुख्य आरोपी अभिषेक क्लॉडियस को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी के परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की गिरफ्तारियां की जाएंगी।