मोतीहारी में गरीबों के निवाले पर डाका, रात के अंधेरे में राशन की बोरी बाइक पर लादते युवक का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

Bihar Crime: गरीबों को मिलने वाले मुफ्त राशन की व्यवस्था को लेकर मोतीहारी के आदापुर प्रखंड से एक कथित वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

गरीबों के निवाले पर डाका- फोटो : reporter

Motihari: गरीबों को मिलने वाले मुफ्त राशन की व्यवस्था को लेकर मोतीहारी के आदापुर प्रखंड से एक कथित वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में रात के अंधेरे में सरकारी राशन की बोरियों को बाइक पर लादते एक युवक को कुछ ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने और उससे पूछताछ किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद एसएफसी गोदाम से लेकर राशन की ढुलाई व्यवस्था तक पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वायरल वीडियो में ग्रामीण एक युवक से राशन की बोरियों को लेकर पूछताछ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में युवक कथित तौर पर यह बताते हुए दिखाई देता है कि गोदाम के चालक द्वारा राशन की बोरी दुकान पर उतरवाई गई थी। इसके बाद ग्रामीण कथित चालक से भी सवाल-जवाब करते नजर आते हैं। पूरा घटनाक्रम रात के समय का बताया जा रहा है।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो वास्तव में आदापुर प्रखंड का ही है, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। बावजूद इसके वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर राशन वितरण व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि सरकारी खाद्यान्न डीलर के यहां पहुंचाने के लिए ले जाया जा रहा था, तो रात के अंधेरे में रास्ते में राशन की बोरियां उतारकर बाइक पर लादने की नौबत क्यों आई?

सरकारी राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद अहम है। ऐसे में यदि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महज अनियमितता नहीं बल्कि गरीबों के हक के निवाले से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

अब सवाल यह भी है कि राशन की ढुलाई के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे, खाद्यान्न किस डीलर के लिए भेजा जा रहा था और रात में परिवहन की अनुमति एवं प्रक्रिया क्या थी? क्या गोदाम से निकले खाद्यान्न का पूरा हिसाब-किताब मौजूद है? इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।अगर वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की सूक्ष्म एवं निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल वायरल वीडियो ने प्रशासन और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी पर सवालिया निशान जरूर खड़ा कर दिया

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार