Bihar Crime:पार्षद पर जानलेवा हमला, गाड़ी घेरकर पिस्टल के बट से सिर फोड़ा
Bihar Crime: नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बाद विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया।...
Bihar Crime: नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बाद विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया। मुजफ्फरपुर में सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के चंदवारा सोडा गोदाम बांध किनारे सोमवार देर शाम वार्ड संख्या-45 के पार्षद शिव शंकर महतो पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी गाड़ी रास्ते में रोक ली और फिर पिस्टल के बट से सिर पर कई वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। घायल पार्षद को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी आलोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
पार्षद के मुताबिक सोमवार दोपहर चंदवारा सोडा गोदाम बांध के पास नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। इसी के कुछ घंटे बाद पार्षद पर हमला होने से दोनों घटनाओं के बीच कड़ी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।हालांकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ही हमले की वजह थी या इसके पीछे कोई अन्य विवाद भी था, इसका अंतिम खुलासा पुलिस जांच के बाद ही होगा।
घायल पार्षद ने पुलिस को बताया कि रात में कार्यालय से काम खत्म कर कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से मौजूद संजय साह, उनके पुत्र आलोक कुमार और अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली।आरोप है कि गाड़ी रुकते ही गाली-गलौज शुरू हो गई। विरोध करने पर हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। पार्षद का दावा है कि आरोपियों ने पिस्टल के बट से उनके सिर पर लगातार वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।घटना के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और घायल पार्षद को अस्पताल पहुंचाया गया।
वारदात की सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फिर अस्पताल जाकर घायल पार्षद से घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू की।पुलिस के मुताबिक मामले में आलोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं संजय साह समेत अन्य आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अतिक्रमण हटाओ अभियान और हमले के बीच कथित संबंध, हमलावरों की भूमिका और घटना में हथियार के इस्तेमाल समेत तमाम बिंदुओं की जांच की जा रही है।फिलहाल एक गिरफ्तारी के बाद भी मामला शांत होता नहीं दिख रहा। पार्षद पर हमला करने वालों का पूरा गिरोह कौन था और वारदात के पीछे असली वजह क्या थी इन सवालों का जवाब पुलिस की अगली कार्रवाई से सामने आएगा।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा