Patna High Court fraud case: सर, तुरंत पैसे चाहिए… हाईकोर्ट जज बन कॉल और 20 लाख रुपए पार,ट्रांसपोर्ट फेडरेशन अध्यक्ष से ठगी

Patna High Court fraud case: पटना से लेकर मुजफ्फरपुर तक कानून के नाम पर ठगी का एक ऐसा खेल सामने आया है, जिसने सिस्टम की साख पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।...

फर्जी जज का कॉल और 20 लाख गायब- फोटो : reporter

Patna High Court fraud case: पटना से लेकर मुजफ्फरपुर तक कानून के नाम पर ठगी का एक ऐसा खेल सामने आया है, जिसने सिस्टम की साख पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर बदमाशों ने इस बार सीधा निशाना बनाया बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह को और तरीका था बेहद शातिर।

पूरा स्कैम प्लान शुरू हुआ एक कॉल से, जिसमें आरोपी ने खुद को पटना हाईकोर्ट का जस्टिस बताकर इमरजेंसी काम का हवाला दिया। मुजफ्फरपुर के एडीटीओ कुमार विवेक को कॉल कर एक बड़े ट्रांसपोर्टर का नंबर मांगा गया। जज साहब समझकर अधिकारी ने बिना शक किए फेडरेशन अध्यक्ष का नंबर दे दिया और यहीं से ठगी का असली खेल शुरू हुआ।

ठग ने फिर हाईकोर्ट जस्टिस की आवाज में उदय शंकर प्रसाद सिंह को कॉल किया और जरूरी काम का हवाला देते हुए 20 लाख रुपये की मांग कर डाली। भरोसे के जाल में फंसे अध्यक्ष ने रकम ट्रांसफर कर दी लेकिन कुछ ही दिनों में जज साहब का नंबर बंद हो गया और हकीकत सामने आ गई।

24 अप्रैल को हुई इस डील के बाद, करीब 5 दिन में पूरा फ्रॉड गेम एक्सपोज हो गया। पीड़ित ने दोबारा एडीटीओ से संपर्क कर बताया कि वो कानून के नाम पर लूट का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद एडीटीओ ने सदर थाने में FIR दर्ज कराते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। अब पुलिस उस मोबाइल नंबर के असली खिलाड़ी की तलाश में जुटी है, जिससे यह कॉल किया गया था। साइबर सेल की टीम ‘डिजिटल सुराग’ खंगाल रही है, ताकि इस हाई-प्रोफाइल ठगी के पीछे के गिरोह का पर्दाफाश हो सके।

यह वारदात साफ दिखाती है कि अपराधी अब रुतबे और रसूख का नकाब पहनकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल पर, चाहे वो कितना ही बड़ा अधिकारी या जज बनकर आए बिना पुष्टि के पैसे ट्रांसफर करना खुद को खतरे में डालना है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा