Bihar Crime: संगठित सैंड माफिया के नेटवर्क का खुलासा, नवादा में SIT की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप, 30 गिरफ्तार, पूरे गिरोह में हड़कंप
Bihar Crime: अवैध बालू खनन के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई उस वक्त हिंसक मोड़ पर पहुंच गई जब बालू माफिया ने कानून के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया।...
Bihar Crime: नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई उस वक्त हिंसक मोड़ पर पहुंच गई जब बालू माफिया ने कानून के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। पंचाने नदी क्षेत्र में छापेमारी के दौरान माफिया ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिससे पूरा इलाका तनाव और दहशत के साये में आ गया।
जानकारी के अनुसार, 13 मई 2026 की सुबह लगभग 5 बजे थानाध्यक्ष नारदीगंज को गुप्त सूचना मिली कि मधुबन इलाके में कुछ ट्रैक्टरों के जरिए अवैध बालू का खनन और परिवहन किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर पथरा केसौरिया क्षेत्र में छापेमारी शुरू की।
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद बालू माफिया के गुर्गे ट्रैक्टरों में बालू लोड कर फरार होने लगे। इसी दौरान पुलिस उप-निरीक्षक नरेन्द्र कुमार ने एक ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन हालात उस समय बेकाबू हो गए जब चालक ने जानबूझकर ट्रैक्टर को पुलिस अधिकारी की ओर मोड़ दिया और उन्हें कुचलने की कोशिश की। इस हमले में नरेन्द्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पहले नवादा सदर अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर पटना रेगर किया गया।
इस हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। नारदीगंज थाना कांड संख्या-158/2026 दर्ज कर जांच को तेज कर दिया गया।एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर SDPO राहुल सिंह के नेतृत्व में SIT गठित की गई, जिसने तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया तंत्र के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। इस अभियान में अब तक 30 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 20 मोटरसाइकिल, 2 स्कॉर्पियो वाहन और 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया है, जो इस अवैध धंधे के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।मुख्य आरोपी अजीत कुमार को मैसकौर थाना क्षेत्र से दबोचा गया, जहां पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। वहीं ट्रैक्टर मालिक पिंटु कुमार ने पुलिस दबाव और गिरफ्तारी के डर से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई साधारण मामला नहीं बल्कि एक संगठित सैंड माफिया नेटवर्क है, जो लंबे समय से नदी से अवैध बालू खनन कर रहा था। अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने के लिए अभियान और तेज कर दिया गया है।इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बालू माफिया किस हद तक बेखौफ हो चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी साफ है कि पुलिस अब पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” मोड में है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्ट- अमन कुमार