Bihar Crime: अनुमंडल कार्यालय से सड़क तक फर्जीवाड़ा, जन्म प्रमाण पत्र मामले में वकील पर कार्रवाई, फर्जी दस्तावेज रैकेट का हुआ भंडाफोड़

Bihar Crime: एक अधिवक्ता पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और शपथ पत्र तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे मामले ने कागज़ी दस्तावेजों की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

फर्जी शपथ पत्र का खेल उजागर- फोटो : reporter

Bihar Crime:नवादा में फर्जीवाड़े के एक गंभीर मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। नगर थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और शपथ पत्र तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे मामले ने कागज़ी दस्तावेजों की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

यह कार्रवाई अनुमंडल कार्यालय के निम्न वर्गीय लिपिक बिनोद कुमार की शिकायत पर की गई है। उन्होंने 3 मई को नगर थाना कांड संख्या-442/26 के तहत मामला दर्ज कराया, जिसमें अधिवक्ता शत्रुघ्न शरण शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है।

मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के देदौर गांव निवासी मुकेश द्वारा 24 अप्रैल को प्रस्तुत किए गए जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ा है। जब इस दस्तावेज का सत्यापन अनुमंडल कार्यालय के रजिस्टर से किया गया, तो वह रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत शपथ पत्र पूरी तरह फर्जी था। लिपिक बिनोद कुमार के अनुसार, वे अनुमंडल कार्यालय में शपथ पत्रों के आगत-निर्गत का कार्य देखते हैं। रजिस्टर मिलान में गड़बड़ी सामने आने के बाद जब गहन जांच हुई, तो पता चला कि यह शपथ पत्र कार्यालय के बाहर अवैध तरीके से तैयार किया गया था।

आरोप है कि अधिवक्ता शत्रुघ्न शरण शर्मा नवादा स्थित साहेब कोठी मंदिर के मुख्य द्वार के पास एक गुमटी में बैठकर इस तरह के फर्जी शपथ पत्र तैयार करते थे। यह खुलासा होने के बाद मामला सीधे प्रशासनिक हलकों तक पहुंच गया। सदर एसडीओ अमित अनुराग को जब इसकी जानकारी दी गई, तो उनके निर्देश पर नगर थाना में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने भी मामले की पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है कि इस तरह के फर्जी दस्तावेजों का खेल और किन-किन मामलों तक फैला हुआ है। यह मामला न सिर्फ कानूनी व्यवस्था बल्कि दस्तावेजी पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल छोड़ गया है।

रिपोर्ट- अमन कुमार