Bihar Crime: झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, पुलिस पहुंची तो क्लिनिक मिला बंद,डॉक्टर फरार
Bihar Crime:शराब की लत छुड़ाने के नाम पर चल रहे कथित इलाज के दौरान एक 17 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है।...
Bihar Crime: नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र में शराब की लत छुड़ाने के नाम पर चल रहे कथित इलाज के दौरान एक 17 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने एक झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और पैसे ऐंठने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर अपनी क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।मृतक की पहचान 17 वर्षीय प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। वह दिनेश पांडेय के पुत्र थे। परिवार मूल रूप से बिहारशरीफ के लिचरगंज का रहने वाला बताया गया है और फिलहाल राजगीर की तुलसी गली में रह रहा है।
मृतक के पिता दिनेश पांडेय के अनुसार, प्रिंस पिछले कुछ समय से नशे की लत से परेशान था। परिवार उसे इस आदत से बाहर निकालना चाहता था। इसी दौरान एक कथित दलाल के माध्यम से परिजनों को हिसुआ स्थित नौशाद आलम की क्लिनिक के बारे में जानकारी मिली। परिवार का दावा है कि वहां नशा मुक्ति का इलाज किए जाने की बात कही गई थी।परिजनों के मुताबिक, इलाज के नाम पर डॉक्टर ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। परिवार ने कथित तौर पर 40 हजार रुपये अग्रिम के रूप में दे दिए और प्रिंस को क्लिनिक में भर्ती करा दिया गया।
परिवार का आरोप है कि क्लिनिक में इलाज के दौरान पिछले करीब तीन दिनों से प्रिंस को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद डॉक्टर की ओर से लगातार उसके ठीक होने का भरोसा दिया जाता रहा।रात में अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए परिजनों को उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।परिजन प्रिंस को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद हिसुआ थाना पुलिस भी सक्रिय हुई। थाना अध्यक्ष के निर्देश पर पुलिस बल कथित क्लिनिक पर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर मौके से फरार हो चुका था।पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिलेगी।
परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के साथ-साथ पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।पुलिस फिलहाल फरार डॉक्टर और संबंधित क्लिनिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी डॉक्टर के पास इलाज करने की वैध योग्यता और जरूरी अनुमति थी या नहीं।17 वर्षीय युवक की मौत ने नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे कथित निजी इलाज केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि प्रिंस की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
रिपोर्ट- अमन कुमार