Bihar Crime: शौच का बहाना, पुलिस को चकमा देकर कैदी फरार, नवादा सदर अस्पताल से दारा की फरारी ने खोली सुरक्षा की पोल, 7 महीने में दूसरी बड़ी चूक से हड़कंप
Bihar Crime: नवादा सदर अस्पताल एक बार फिर पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालों के घेरे में है।...
Bihar Crime: नवादा सदर अस्पताल एक बार फिर पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालों के घेरे में है। शुक्रवार की शाम अस्पताल के कैदी वार्ड से एक विचाराधीन बंदी पुलिस की निगरानी को धता बताते हुए फरार हो गया। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कैदी की निगरानी के लिए पुलिसकर्मी तैनात थे, तब आखिर वह उनकी आंखों में धूल झोंककर कैसे फरार हो गया? गौरतलब है कि करीब सात महीने पहले भी इसी अस्पताल से एक कैदी फरार हुआ था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।
फरार बंदी की पहचान असगर मलिक उर्फ दारा, पिता अलाउद्दीन, निवासी धमौल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसने शौच जाने का बहाना बनाया और इसी दौरान मौका देखकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि असगर मलिक को 30 जून को चोरी के एक मुकदमे में नवादा मंडल कारा भेजा गया था। गुरुवार को उसने जेल में चक्कर आने और बेहोश होने की शिकायत की, जिसके बाद जेल चिकित्सक की सिफारिश पर उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को उसका सीटी स्कैन भी कराया गया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य बताई जा रही है।
अब पुलिस को शक है कि बीमारी और बेहोशी की पूरी कहानी फरारी की साजिश का हिस्सा थी। जैसे ही मौका मिला, बंदी अस्पताल से रफूचक्कर हो गया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी देखते रह गए।
घटना की खबर मिलते ही नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह अस्पताल पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का सिलसिला शुरू कराया। फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है। इस पूरे मामले ने अस्पताल में कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि फरार बंदी कब तक सलाखों के पीछे लौटता है और लापरवाही के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है।
रिपोर्ट- अमन कुमार