मंदिरों में चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश: सुपौल-मधेपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3 गिरफ्तार, भारी मात्रा में आभूषण बरामद

Bihar News : सुपौल और मधेपुरा जिलों में पिछले कुछ समय से धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे शातिर चोरों के गिरोह का पुलिस ने सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मंदिर से चोरी किए गए आभूषण बरामद किया है...

मंदिरों में चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार के सुपौल और मधेपुरा जिलों में पिछले कुछ समय से धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे शातिर चोरों के गिरोह का पुलिस ने सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। त्रिवेणीगंज और शंकरपुर थाना क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं से स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश व्याप्त था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों के निर्देश पर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय आसूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को धर दबोचा।


ऑटो से देते थे वारदात को अंजाम

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मधेपुरा निवासी मो. साजिद, आशीष कुमार और अंकित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चोरी किया गया भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद किया है, जिसमें करीब 19 किलोग्राम वजन के पांच पीतल के घंटे, माता का चांदी जैसा श्रृंगार (380 ग्राम), चांदी का मुकुट, पायल, घुंघरू और करीब 230 ग्राम का चांदी जैसा छत्र शामिल है। इसके अलावा, चोरी की घटनाओं में उपयोग किया गया ऑटो भी जब्त किया गया है, जिसके जरिए ये अपराधी रात के अंधेरे में सुनसान मंदिरों तक पहुंचते थे।


सीसीटीवी फुटेज और डीआईयू टीम की मदद से सुलझी गुत्थी

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व त्रिवेणीगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विभाष कुमार ने किया। पुलिस ने मंदिर चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। सुपौल और मधेपुरा की डीआईयू (DIU) टीमों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और 2 मई 2026 को सटीक सुराग मिलने पर कई ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस की इस पेशेवर कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय मंदिर समितियों और नागरिकों ने मुक्त कंठ से सराहना की है।

पूछताछ में बड़े खुलासे की उम्मीदअन्य वारदातों में संलिप्तता की जांच

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी पेशेवर तरीके से धार्मिक स्थलों को निशाना बनाते थे। पकड़े गए बदमाशों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों का पता चल सके। पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई अन्य बड़ी चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा होगा। इस सफल उद्भेदन से न केवल पुराने मामलों का निपटारा हुआ है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगने की भी संभावना है।


मंदिरों की निगरानी के लिए सीसीटीवी और पुलिस गश्त पर जोर

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन अब और अधिक सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने क्षेत्र के मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने तथा प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आस्था के केंद्रों पर हमला करने वाले अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। इस कार्रवाई में शामिल थानाध्यक्ष राजीव कुमार, राकेश कुमार और डीआईयू के सदस्यों की सक्रियता ने क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट