Bihar Fake SIM Cards: आपके नाम पर भी तो नहीं चल रहा है फर्जी SIM ,बिहार में 16.54 लाख शिकायतें, ऐसे पकड़ें

Bihar Fake SIM Cards: दूसरों के पहचान पत्र पर सिम कार्ड हासिल कर उसे साइबर ठगी और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल करने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।

ऐसे चेक करें आपके नाम पर कितने SIM- फोटो : reporter

Bihar Fake SIM Cards: दूसरों के पहचान पत्र पर सिम कार्ड हासिल कर उसे साइबर ठगी और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल करने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। दूरसंचार विभाग के सामने ऐसे मोबाइल कनेक्शन को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंच रही हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बताया जा रहा है, जबकि इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश का नंबर आता है।

दरअसल, पहले मोबाइल कनेक्शन जारी कराने के लिए आधार या किसी अन्य पहचान पत्र के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर मोबाइल नंबर हासिल कर लिए। ऐसे नंबर बाद में साइबर फ्रॉड समेत दूसरे अपराधों में इस्तेमाल किए जाने लगे।अब दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियां ऐसे संदिग्ध कनेक्शनों का सत्यापन कर रही हैं। लोगों को भी यह सुविधा दी गई है कि वे घर बैठे जांच सकें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। इसी जागरूकता के बाद शिकायतों की संख्या में इजाफा हुआ है।

बिहार में 16.54 लाख शिकायतें

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक बिहार में कुल 16,54,334 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 13,04,976 मामलों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 3,49,358 मामलों में जांच जारी है। वहीं 7,61,222 लोगों ने बताया कि नंबर उनका नहीं है, जबकि 2,93,381 लोगों ने कहा कि उनके नाम पर जारी नंबर की अब जरूरत नहीं है।

दूरसंचार विभाग के संचार साथी सिस्टम का उद्देश्य लोगों को अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देना और अनधिकृत कनेक्शन की शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध कराना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार Sanchar Saathi के जरिए नागरिक अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन देख सकते हैं और गलत या अनावश्यक कनेक्शन की रिपोर्ट कर सकते हैं।

ऐसे चेक करें आपके नाम पर कितने SIM

सबसे पहले संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Know Mobile Connections in Your Name सेवा चुनें। अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP के जरिए सत्यापन करें। इसके बाद आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी सामने आ जाएगी।अगर सूची में कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आपने जारी नहीं कराया है या जिसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उसे संबंधित विकल्प के जरिए रिपोर्ट किया जा सकता है। दूरसंचार विभाग के नियमों के तहत उपभोक्ता द्वारा फ्लैग किए गए कनेक्शन का दोबारा सत्यापन कराया जाता है और सत्यापन में विफल रहने वाले कनेक्शन को बंद किया जा सकता है।

फर्जी SIM बना सकता है साइबर अपराध का रास्ता

दूसरे के नाम पर जारी मोबाइल नंबर अपराधियों के लिए बड़ा हथियार बन सकते हैं। इनका इस्तेमाल फर्जी पहचान के साथ कॉल, डिजिटल ठगी और दूसरे साइबर अपराधों में किया जा सकता है। यही वजह है कि अपने नाम पर सक्रिय सभी मोबाइल कनेक्शनों की समय-समय पर जांच करना जरूरी है।अगर आपके नाम पर ऐसा नंबर चल रहा है जिसे आपने जारी नहीं कराया, तो उसे नजरअंदाज न करें। संचार साथी के जरिए उसकी रिपोर्ट करें, ताकि गलत पहचान पर चल रहे कनेक्शन को समय रहते बंद कराया जा सके।