Patna Police Bribery Case: पटना में 11 लाख में बिक गई खाकी? ब्राउन शुगर, लोडेड पिस्तौल और रिश्वत कांड से पुलिस विभाग में भूचाल!
Patna Police Bribery Case: अपराधियों पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस की अपनी कार्यशैली पर ही अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।...
Patna Police Bribery Case: अपराधियों पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस की अपनी कार्यशैली पर ही अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर और हथियार बरामदगी के मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब गिरफ्तार फार्म हाउस मालिक को कथित तौर पर 11 लाख रुपये की डील के बाद छोड़ने का आरोप सामने आया। इस सनसनीखेज प्रकरण ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फुलवारी शरीफ के एएसपी स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं। थाने में तैनात दो दारोगा, एक सिपाही और मुंशी समेत कुल छह लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनमें फार्म हाउस मालिक आफताब और कथित बिचौलिया भी शामिल हैं।
फार्म हाउस से पौने दो किलो ब्राउन शुगर और पिस्तौल बरामद
दरअसल, चार दिन पहले पुलिस की स्पेशल टीम ने फुलवारी शरीफ के ताज नगर स्थित एक फार्म हाउस में छापेमारी की थी। इस दौरान करीब पौने दो किलो ब्राउन शुगर, दो एयर गन और एक लोडेड पिस्तौल बरामद की गई थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से आकिब नामक युवक और फार्म हाउस मालिक आफताब को गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि आफताब ने करीब एक वर्ष पहले फार्म हाउस आकिब को लीज पर दिया था, लेकिन उसका वहां लगातार आना-जाना बना रहता था।
11 लाख की कथित वसूली, बिचौलिये की भूमिका भी संदेह के घेरे में
पूछताछ के बाद आफताब को छोड़ दिया गया। इसके बाद ही उसे रिहा कराने के बदले 11 लाख रुपये के कथित लेनदेन की चर्चा सामने आई। आरोप है कि इस पूरे खेल में एक बिचौलिये ने अहम भूमिका निभाई। कथित तौर पर रकम का कुछ हिस्सा उसने अपने पास रखा, जबकि बाकी संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंचाया गया। हालांकि, इस लेनदेन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दो दारोगा, सिपाही और मुंशी से पूछताछ
वरीय अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए। अब एएसपी की निगरानी में छह लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आफताब को किन परिस्थितियों में छोड़ा गया और कथित रकम किस-किस तक पहुंची। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि गिरफ्तारी और रिहाई की प्रक्रिया में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही।
जांच के घेरे में खाकी की जवाबदेही
फिलहाल पुलिस अधिकारी आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही कथित वसूली, बिचौलिये की भूमिका और संबंधित पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की तस्वीर साफ होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नशे के कारोबार और हथियार बरामदगी जैसे गंभीर मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की रिहाई के पीछे आखिर क्या परिस्थितियां थीं।
रिपोर्ट- अनिल कुमार